अवध यूनिवर्सिटी: कुलपति ने परखी शैक्षणिक गुणवत्ता, कैंपस विकास कार्यों में देरी पर जताई सख्ती

डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी में शिक्षा के स्तर को सुधारने और कैंपस के बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। कुलपति डॉ. बीजेन्द्र सिंह ने कौटिल्य प्रशासनिक भवन में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक गुणवत्ता और चल रहे विकास कार्यों की बारीकी से जांच की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों की कक्षाएं समय पर चलें, पाठ्यक्रम पूरा हो और प्रयोगशालाएं पूरी तरह कार्यात्मक रहें।
बुनियादी ढांचे और अनुशासन पर जोर
बैठक के दौरान कुलपति डॉ. बीजेन्द्र सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कैंपस में चल रहे किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। विशेष रूप से महिला छात्रावास और फैकल्टी कॉलोनी के लिए सुरक्षित रास्तों और जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) की व्यवस्था को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
इसके अलावा, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एडमिशन प्रक्रिया को लेकर भी कड़े निर्देश दिए हैं। कुलपति ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और इसे एक निश्चित समय सीमा के भीतर संपन्न किया जाना चाहिए। डॉ. सिंह ने चेतावनी दी कि किसी भी विभाग में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शून्य-सहनशीलता (zero-tolerance) की नीति अपनाई जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कुलसचिव विनय कुमार सिंह के साथ प्रोफेसर एस.एस. मिश्रा, प्रोफेसर आशुतोष सिन्हा, प्रोफेसर सी.के. मिश्रा, प्रोफेसर एस.के. रायजादा, प्रोफेसर अनूप कुमार, प्रोफेसर फारुख जमाल, प्रोफेसर ए.के. राय, प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार, डॉ. महिमा चौरसिया और डॉ. पी.के. द्विवेदी समेत कई वरिष्ठ प्रोफेसर और इंजीनियरिंग विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।