लखीमपुर खीरी हिंसा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को दिवाली मनाने घर जाने की दी अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के आरोपी आशीष मिश्रा को दिवाली मनाने के लिए घर जाने की इजाजत दी है। जानें क्या हैं शर्तें।

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा के लिए त्योहारों का समय राहत भरा रहा। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को दिवाली का त्योहार अपने परिवार और करीबियों के साथ मनाने के लिए उनके गृहनगर लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति दे दी है। जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को यह आदेश जारी किया।
कोर्ट ने यह राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि आशीष मिश्रा को पहले से तय न्यायिक शर्तों का पालन करना होगा। उन्हें 16 नवंबर तक वापस लौटना होगा। सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त निर्देश दिए कि वह इस दौरान मामले से जुड़े किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेंगे और न ही उन्हें प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।
ट्रायल की प्रगति और कोर्ट की सख्त हिदायत
आशीष मिश्रा के वकील सिद्धार्थ दवे ने पिछले साल दिवाली पर मिली इसी तरह की अनुमति का हवाला देते हुए यह अनुरोध किया था। इस दौरान अदालत ने केस की मौजूदा स्थिति की भी समीक्षा की। कोर्ट को बताया गया कि कुल 131 गवाहों में से 90 की गवाही पूरी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को सूचित किया कि मामले के लिए एक नए स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) की नियुक्ति की गई है।
सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा ट्रायल कोर्ट के जज के तबादले का मुद्दा भी उठा। पीड़ितों के वकील प्रशांत भूषण ने जज के व्यवहार और एक चश्मदीद गवाह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने पर चिंता जताई थी, जिसके बाद यह तबादला हुआ। हालांकि, मिश्रा के वकीलों ने इसे एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया। अंत में, सुप्रीम कोर्ट ने जोर देकर कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और ट्रायल को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।