लखीमपुर खीरी हिंसा: सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को दिवाली पर घर जाने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा आरोपी आशीष मिश्रा को दिवाली मनाने के लिए अपने गृहनगर जाने की अनुमति दे दी है।

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के आरोपी आशीष मिश्रा के लिए दिवाली का त्योहार खुशियां लेकर आया है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने के लिए अपने गृहनगर लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति दे दी है। आशीष मिश्रा पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे हैं और इस संवेदनशील मामले में आरोपी हैं।
जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह फैसला आशीष मिश्रा के वकील की उस दलील के बाद लिया, जिसमें कहा गया कि पिछले साल भी अदालत ने उन्हें दिवाली पर परिवार के साथ समय बिताने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने इस राहत के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लागू की हैं। आशीष मिश्रा ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि वह 16 नवंबर तक अपने गृहनगर से वापस लौट आएंगे।
सख्त शर्तें और केस की ताजा स्थिति
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आशीष मिश्रा अपनी इस छोटी यात्रा के दौरान केवल अपने परिवार के सदस्यों के साथ ही समय बिताएंगे। कोर्ट ने सख्त हिदायत दी है कि वह इस दौरान मामले के किसी भी गवाह को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे।
इस मामले की पृष्ठभूमि साल 2021 की है, जब केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों पर एक एसयूवी गाड़ी चढ़ा दी गई थी। इस घटना में चार किसानों सहित कुल आठ लोगों की जान गई थी। आरोप है कि वह गाड़ी आशीष मिश्रा की थी।
वहीं, इस सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत को बताया कि मामले में कुछ प्रशासनिक बदलाव हुए हैं। अब इस केस की सुनवाई के लिए एक नए जज की नियुक्ति की गई है और एक नए स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौरतलब है कि शिकायतकर्ताओं की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने नए जज और प्रॉसिक्यूटर के तौर पर काम करने वाले अधिकारियों के आचरण पर चिंता जताई थी, जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से एक सीलबंद रिपोर्ट मांगी गई थी।