वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर हंगामा: आराधना मिश्रा ने पूछा- चुनाव आयोग का बचाव क्यों कर रही भाजपा?

यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मुद्दे पर भाजपा और चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

Sushant Singh5 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर हंगामा: आराधना मिश्रा ने पूछा- चुनाव आयोग का बचाव क्यों कर रही भाजपा?

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने और चुनावी सूचियों में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को घेरा है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल किया कि जब विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटों की कथित चोरी पर सवाल उठा रहा है, तो सत्ताधारी दल चुनाव आयोग का बचाव करने के लिए आगे क्यों आ रहा है।

आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में 1 नवंबर को आयोजित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली के असर से भाजपा घबरा गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब 'लोकतंत्र बचाओ यात्रा' के बहाने ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, जिसमें कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। उनके अनुसार, यह इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस का आंदोलन सफल हो रहा है, तभी सत्ता पक्ष को सड़कों पर उतरना पड़ा है।

योगी आदित्यनाथ के बयान को बनाया ढाल

कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक हालिया बयान का हवाला देते हुए भाजपा को उन्हीं के आईने में देखने को कहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद लखनऊ में एक बैठक के दौरान चिंता जताई थी कि उत्तर प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 16 करोड़ 70 लाख 75 हजार होनी चाहिए, जबकि करीब 1 करोड़ 27 लाख मतदाताओं के नाम लिस्ट से कट गए हैं।

मिश्रा ने सवाल उठाया कि एक तरफ मुख्यमंत्री खुद इतने बड़े पैमाने पर नाम कटने पर चिंता जता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ भाजपा चुनाव आयोग का बचाव कर रही है। उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री की यह स्वीकारोक्ति साबित नहीं करती कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में खामियां हैं? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी इसी तरह के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के जरिए बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, जो एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है।

आराधना मिश्रा ने जोर देकर कहा कि यह मामला कुछ हजारों वोटों का नहीं, बल्कि करोड़ों मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकार का है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहा है और सरकार को इन गंभीर सवालों का जवाब देना चाहिए न कि चुनाव आयोग की ढाल बनना चाहिए।

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