अंकिता भंडारी मर्डर केस: अभिनेत्री उर्मिला सनावर को CBI का नोटिस, अब होगा नारको टेस्ट

अंकिता भंडारी हत्याकांड में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक नया मोड़ तब आया जब सीबीआई ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर को उनके सहारनपुर स्थित आवास पर एक औपचारिक नोटिस थमाया। इस नोटिस के जरिए उन्हें नारको-एनालिसिस टेस्ट (Narco-analysis test) के लिए बुलाया गया है। यह पूरी कार्रवाई एक वायरल ऑडियो क्लिप से जुड़े संदेहों के बाद की गई है।
उर्मिला सनावर के मुताबिक, सीबीआई की टीम ने बुधवार को उनके घर पहुंचकर यह नोटिस दिया। इससे पहले 18 अक्टूबर को भी सीबीआई ने उनसे करीब चार घंटे तक लंबी पूछताछ की थी। उर्मिला ने बताया कि सीबीआई अधिकारी ने पहले उन्हें फोन कर घर पर होने की पुष्टि की और फिर उनके निवास पर पहुंचकर नोटिस दिया। उन्हें 23 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे पेश होने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह तय किया जा सके कि वह अपनी मर्जी से इस टेस्ट के लिए तैयार हैं या नहीं।
जांच में तेजी और पुराने सवालों पर उर्मिला के बोल
इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उर्मिला सनावर ने कहा कि जांच में तेजी आना सुखद है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि अगर न्याय की प्रक्रिया शुरू से इतनी तेज होती, तो शायद अंकिता भंडारी के माता-पिता को इंडिया गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन नहीं करना पड़ता। उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई कि इस मामले में आपराधिक श्रेणी में आने वाले व्यक्ति को उच्च पद पर नामित किया गया, जिससे उत्तराखंड के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
उर्मिला ने सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले नौ महीनों से यह मामला जैसे ठंडे बस्ते में था। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पीड़ित परिवार विरोध नहीं करता या विपक्ष यह मुद्दा नहीं उठाता, तो शायद जांच अब भी रुकी होती। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और नारको टेस्ट के लिए उनकी सहमति है।
यह मामला तब और गरमा गया जब इसमें 'वीआईपी' संलिप्तता की बातें सामने आईं। इसी कड़ी में सीबीआई की टीम ने हाल ही में पूर्व उत्तराखंड भाजपा विधायक सुरेश राठौर के आवास पर भी पहुंचकर पूछताछ की थी। राठौर ने मीडिया को बताया कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और जो भी जानकारी थी, वह सीबीआई के साथ साझा कर दी है। अब सबकी नजरें 23 अक्टूबर को देहरादून में होने वाली कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं।