AMU छात्र संघ चुनाव: नारों पर मचा बवाल, गृह मंत्री से शिकायत दर्ज
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 8 साल बाद हो रहे छात्र संघ चुनाव में नारों को लेकर विवाद बढ़ा। गृह मंत्री से शिकायत दर्ज।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में करीब आठ साल के लंबे इंतजार के बाद 5 नवंबर 2026 को छात्र संघ चुनाव होने जा रहे हैं। लंबे समय बाद हो रहे इन चुनावों को लेकर कैंपस में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन साथ ही विवादों का दौर भी शुरू हो गया है। चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में दिए गए भाषणों और उनमें इस्तेमाल किए गए नारों ने अब तूल पकड़ लिया है।
3 नवंबर को प्रचार के अंतिम दिन छात्र नेताओं ने जोरदार भाषण दिए, जिसमें 'नारा-ए-तकबीर' और 'अल्लाह-हु-अकबर' जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। समर्थकों ने भी इन नारों का पुरजोर समर्थन किया। हालांकि, इस घटना के बाद मामला गरमा गया है। क्षत्रिय कार्णी सेना युवा के जिला अध्यक्ष ने इन भाषणों के वीडियो का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री को एक औपचारिक शिकायत भेजी है। शिकायत में इन नारों की जांच करने और संबंधित उम्मीदवारों के नामांकन रद्द करने की मांग की गई है।
प्रशासनिक बदलाव और कैंपस में सख्ती
चुनावों के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन में भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। छात्रों के 20 दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने प्रोक्टर प्रोफेसर मोहम्मद नावेद खान को हटाकर प्रोफेसर नफीस अहमद अंसारी को यह जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, प्रोफेसर जावेद तालिब को AMUSU का मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कैंपस में माहौल को देखते हुए प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। दीवारों, इमारतों और सार्वजनिक संपत्तियों पर प्रचार सामग्री लिखने या नाम लिखने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सभी उम्मीदवारों को चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है।
इस बीच, मतदान के अधिकारों को लेकर भी एक नई बहस छिड़ गई है। विमेंस कॉलेज की छात्राओं के एक समूह ने मुख्य छात्र संघ चुनाव में वोट देने के अधिकार की मांग की है। इस पर प्रशासन का कहना है कि छात्राएं अपने कॉलेज के चुनावों में मतदान करने के लिए पात्र हैं और किसी भी छात्र को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जा रहा है।