अमेठी: महिला कांस्टेबल को आत्महत्या के लिए उकसाने वाला कोचिंग संचालक गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां मोहनगंज थाने में तैनात 22 वर्षीय महिला कांस्टेबल प्रतीक्षा सिंह ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस दुखद घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कोचिंग संचालक विक्रम सिंह चंदेल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने महिला कांस्टेबल को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जिससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
मामले की गहराई में जाने पर पता चला कि प्रतीक्षा सिंह साल 2022 में गजनर स्थित विक्रम सिंह चंदेल की फिजिकल एकेडमी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ता शुरू हुआ। साल 2025 में पुलिस विभाग में चयन होने के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें पाया गया कि पिछले 9-10 महीनों के दौरान दोनों के बीच करीब 5,000 बार बातचीत हुई थी।
रिश्ते में विवाद और करियर बर्बाद करने की धमकी
पुलिस जांच के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब विक्रम सिंह चंदेल को पता चला कि प्रतीक्षा किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में हैं। इसके बाद दोनों के बीच झगड़े बढ़ने लगे। घटना वाले दिन, यानी 30 सितंबर को भी दोनों के बीच तीन लंबी बातचीत हुई, जिनकी अवधि क्रमशः 30, 15 और 45 मिनट थी। इसके बाद प्रतीक्षा ने अमेठी में तैनात अपने एक सहयोगी से भी करीब आधे घंटे बात की।
प्रतीक्षा 30 सितंबर को सात दिन की छुट्टी पर अपने घर आई हुई थीं। दोपहर करीब 2 बजे उनकी छोटी बहन ने उन्हें कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया। पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले पीड़िता के मोबाइल फोन को रीसेट कर दिया गया था।
मृतका के पिता विजय सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विक्रम सिंह चंदेल उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और उसका करियर व जीवन बर्बाद करने की धमकी दे रहा था। पिता ने यह भी दावा किया कि बेटी को विभागीय स्तर पर भी मानसिक परेशानी और छुट्टी मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस अन्य साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड्स का विश्लेषण कर रही है।