अमेठी में 'पिंक समाधान दिवस' का आयोजन, महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निपटारे के निर्देश

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता देने और उनके त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन ने एक खास पहल की है। गौरीगंज तहसील ऑडिटोरियम में 'पिंक समाधान दिवस' का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की शिकायतों को सुनना और उन्हें समयबद्ध तरीके से हल करना था। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला मजिस्ट्रेट शशांक चौधरी और पुलिस अधीक्षक (SP) सरवनन टी. ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिला निवासी पहुंचीं और अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों में मुख्य रूप से राजस्व विवाद, जमीन से जुड़े झगड़े, पुलिस से संबंधित मामले और विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं। डीएम शशांक चौधरी और एसपी सरवनन टी. ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी पंजीकृत शिकायतों का निपटारा एक निश्चित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
मिशन शक्ति 6.0 के तहत महिला सुरक्षा पर जोर
यह आयोजन राज्यव्यापी 'मिशन शक्ति 6.0' अभियान का एक हिस्सा है, जिसे वर्तमान में मुरादाबाद, कानपुर, गौतम बुद्ध नगर और आजमगढ़ सहित कई जिलों में चलाया जा रहा है। इस मौके पर एसपी सरवनन टी. ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में प्रशासन की 'जीरो टॉलरेंस' नीति रहेगी। उन्होंने अपने मातहत अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़ी हर शिकायत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
गौरतलब है कि डीएम शशांक चौधरी प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए 'एक दिवस में पूर्ण समाधान' जैसे जन-शिकायत अभियानों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। वहीं, पुलिस प्रशासन एक तरफ जहां महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर त्योहारी सीजन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी जुटा है। हाल ही में जिले के 1,480 दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और पुलिसकर्मियों के लिए दंगा नियंत्रण ड्रिल व शारीरिक दक्षता निरीक्षण भी आयोजित किए गए।