अमेठी पंचायत चुनाव: कोर्ट के आदेश के बाद जागा सियासी पारा, उम्मीदवारों ने शुरू किया जनसंपर्क
अमेठी के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। हाल ही में कोर्ट से आए एक आदेश ने अमेठी पंचायत चुनाव की सुस्त पड़ी रफ्तार को अचानक तेज कर दिया है। इस न्यायिक निर्देश के बाद वे उम्मीदवार, जो अब तक शांत बैठे थे, अचानक सक्रिय हो गए हैं और गांवों में अपनी पैठ बनाने के लिए जोर-शोर से जुट गए हैं।
चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा का इंतजार कर रहे ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के संभावित उम्मीदवार अब सीधे जनता के बीच पहुंच रहे हैं। गांवों की चौपालों से लेकर पारिवारिक और सामाजिक समारोहों तक, हर जगह चुनावी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ मिलकर रणनीतियां बना रहे हैं ताकि समय रहते मतदाताओं के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाई जा सके।
चुनाव का गणित और प्रशासनिक तैयारी
इस बार के चुनावों का दायरा काफी बड़ा है। जिले की कुल 682 ग्राम पंचायतों में चुनावी मुकाबला होगा, जिसके तहत 682 ग्राम प्रधानों का चयन किया जाएगा। इसके अलावा, 877 क्षेत्र पंचायत सदस्यों, 13 ब्लॉक प्रमुखों और 36 जिला पंचायत सदस्यों के लिए मतदान होगा।
प्रशासन ने भी चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, जिले में कुल 1,616,891 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें पुरुषों की संख्या 834,064 और महिलाओं की संख्या 782,827 है। मतदान को आसान बनाने के लिए पूरे जिले में 934 मतदान केंद्र और 2,489 मतदान बूथ निर्धारित किए गए हैं।
फिलहाल, सभी की नजरें चुनाव आयोग द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक कैलेंडर पर टिकी हैं, लेकिन जमीन पर उम्मीदवारों ने अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है।