कलपी बार एसोसिएशन अध्यक्ष की हत्या से आक्रोश, अमेठी के वकीलों ने मांगा सुरक्षा कानून
कलपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की हत्या से आक्रोशित अमेठी के वकीलों ने डीएम के जरिए सीएम को ज्ञापन भेजकर सुरक्षा कानून की मांग की है।

कलपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार के अपहरण और फिर उनकी बेरहमी से हत्या के मामले ने कानूनी गलियारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना के विरोध में अमेठी के वकीलों ने जोरदार प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। वकीलों का कहना है कि कानूनी पेशे से जुड़े लोगों पर बढ़ते हमले अब एक गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं।
सेंट्रल बार एसोसिएशन अमेठी के अध्यक्ष पृथ्वीराज मिश्रा और महासचिव संतोष कुमार शुक्ला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रदेश में वकीलों के खिलाफ आपराधिक घटनाओं, हत्याओं और हिंसक हमलों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे कानूनी समुदाय के भीतर असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।
अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम की मांग और मुआवजे पर जोर
प्रदर्शनकारी वकीलों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि 'अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम' (Advocate Protection Act) लागू करने के आश्वासन दिए गए थे, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका तर्क है कि जब तक वकीलों के लिए एक समर्पित सुरक्षा कानून नहीं आता, तब तक वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे।
अमेठी के अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को रखा है:
- गयादीन अहिरवार की हत्या में शामिल सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
- राज्य स्तर पर जल्द से जल्द अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम लागू किया जाए।
वकीलों ने जोर देकर कहा कि न्यायिक प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है, ताकि वे बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।