अमेठी के कटारी महोत्सव में दिखा हवा महल का जादू, भव्य पंडाल देखने उमड़ी भीड़

Shubham Singh20 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में इन दिनों आस्था और कला का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। यहाँ के कटारी गांव में आयोजित होने वाला प्रसिद्ध अमेठी कटारी महोत्सव इस बार चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दुर्गा पूजा के इस पावन अवसर पर यहाँ एक ऐसा भव्य पंडाल तैयार किया गया है, जिसे देखकर लोग दंग हैं। इस साल के महोत्सव का मुख्य आकर्षण राजस्थान के प्रसिद्ध 'हवा महल' की तर्ज पर बनाया गया पंडाल है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

कटारी गांव में दुर्गा पूजा का यह सिलसिला साल 1985 से शुरू हुआ था, जो समय के साथ और भी भव्य होता गया। कभी छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह आयोजन अब एक बड़े महोत्सव का रूप ले चुका है। इस बार इलाके में कुल 26 अलग-अलग पंडाल सजाए गए हैं, जिनमें माता भगवती की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। हवा महल की वास्तुकला को जीवंत करता यह पंडाल न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है, क्योंकि इसे देखने दूर-दराज से लोग पहुंच रहे हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और जिलाव्यापी जश्न

सिर्फ कटारी ही नहीं, बल्कि पूरे अमेठी जिले में दुर्गा पूजा की धूम है। गौरीगंज के चौक बाजार, डाकखाना मोड़ और सब्जी मंडी के साथ-साथ सागर तिराहा, मुंशीगंज, फुरसतगंज नहर कोठी और सिंहपुर के सेमरौता में भी शानदार पंडाल बनाए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।

एसपी सर्वनन टी के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे जिले में ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जा रही है। ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग और सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि उत्सव में कोई खलल न पड़े। वहीं, यूपीपीसीएल (UPPCL) ने यह सुनिश्चित किया है कि त्योहार के दौरान बिजली की कोई समस्या न आए और निर्बाध आपूर्ति बनी रहे।

वर्तमान में पंडालों में दुर्गा सप्तशती का पाठ और अन्य धार्मिक अनुष्ठान पूरे विधि-विधान से किए जा रहे हैं। यह भव्य महोत्सव 21 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा, जब माता की विदाई के साथ इस सांस्कृतिक उत्सव का समापन होगा।

Share:

Comments

Leave a comment