हरियाणा में पत्रकारों की हिरासत: अमेठी के पत्रकारों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

Shubham Singh13 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
हरियाणा में पत्रकारों की हिरासत: अमेठी के पत्रकारों ने की निष्पक्ष जांच की मांग

हरियाणा में ड्रग्स के बढ़ते चलन पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला अब गरमाता जा रहा है। इस घटना के विरोध में अमेठी के पत्रकारों ने एकजुट होकर जिला मजिस्ट्रेट शशांक चौधरी को एक ज्ञापन सौंपा है। पत्रकारों ने मांग की है कि 'लिविंग इंडिया' और 'हिंदी खबर' न्यूज चैनलों के मुख्य संपादक अतुल अग्रवाल समेत चार लोगों की हिरासत के मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

जिला अध्यक्ष रमन पांडे के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को बताया कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो जनता की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाती है। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) का हवाला देते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। जब पत्रकार जनहित के मुद्दों, जैसे कि नशे की बढ़ती समस्या पर खबर दिखाते हैं, तो उन्हें डराने या हिरासत में लेने के बजाय उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

महिला पत्रकार की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों पर जोर

ज्ञापन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि हिरासत में ली गई महिला पत्रकार की सुरक्षा, गरिमा और उनके कानूनी अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाए। अमेठी के पत्रकारों ने मांग की है कि इस पूरी कार्रवाई के कानूनी आधार की समीक्षा की जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या यह कार्रवाई केवल पेशेवर रिपोर्टिंग के कारण की गई थी।

पत्रकारों ने देश भर में मीडियाकर्मियों को मिलने वाली धमकियों, दबाव और उत्पीड़न की व्यापक समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और यदि जांच में यह पाया जाता है कि हिरासत अवैध थी या दुर्भावनापूर्ण इरादे से ली गई थी, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

इस मौके पर रमन पांडे, विकास शुक्ला, संतोष श्रीवास्तव, बीपी सिंह और अंकित पांडे जैसे प्रमुख पत्रकार मौजूद रहे। इस मामले में हस्तक्षेप करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और हरियाणा सरकार से भी अपील की गई है।

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