अमेठी: गुरु गोरखनाथ तपोस्थली विकास कार्य में देरी, DM ने ठेकेदार को नोटिस देने का दिया आदेश

अमेठी के ऐतिहासिक गुरु गोरखनाथ तपोस्थली के कायाकल्प की तैयारी चल रही है, लेकिन काम की धीमी रफ्तार ने जिला प्रशासन को नाराज कर दिया है। रविवार को जब जिला मजिस्ट्रेट (DM) शशांक चौधरी ने अचानक मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, तो वहां मजदूरों की भारी कमी पाई गई। काम की सुस्त गति को देखते हुए DM ने सख्त रुख अपनाया और उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, मटेरियल के सैंपल लिए जाएंगे
करीब 23.92 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना की शुरुआत मार्च 2023 में हुई थी और इसे सितंबर 2027 तक पूरा किया जाना है। निरीक्षण के दौरान DM शशांक चौधरी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने तिलोई की एसडीएम अरुणिमा श्रीवास्तव को आदेश दिया कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों के सैंपल लिए जाएं और उनकी गहन जांच कराई जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि काम तय मानकों के अनुसार हो रहा है।
इस विकास योजना के तहत तपोस्थली में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
- मुख्य और माध्यमिक प्रवेश द्वार, बैठने के लिए विशेष क्षेत्र और ओपन एयर थिएटर।
- सीसी रोड, इंटरलॉकिंग पेविंग, बाउंड्री वॉल और लाल बलुआ पत्थर के रास्ते।
- गज़ेबो, टॉयलेट ब्लॉक, पीने के पानी की सुविधा और बाहरी विद्युतीकरण।
- म्यूरल वॉल, पत्थर के बेंच, साइनबोर्ड, सत्संग हॉल और जूते रखने के लिए रैक।
- तपोस्थली परिसर में स्थित तालाब क्षेत्र का सौंदर्यीकरण।
DM ने अधिकारियों को हिदायत दी कि पूरा विकास कार्य स्वीकृत डीपीआर (DPR) के अनुसार ही होना चाहिए और इसकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह स्थल सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसका समय पर पूरा होना जैस में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनिवार्य है। इस मौके पर जैस नगर पालिका अध्यक्ष मनीषा, तिलोई एसडीएम अरुणिमा श्रीवास्तव, तहसीलदार अभिषेक यादव और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।