अमेठी: पुलिस की मदद से गलत प्लॉट से फसल कटवाई, किसान ने लगाया गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक किसान ने स्थानीय पुलिस पर विपक्षी दल का साथ देने और उसकी मेहनत की फसल गलत जमीन से कटवाने का आरोप लगाया है। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के भुसहारी गांव में हुआ यह विवाद अब प्रशासन की चौखट तक पहुंच गया है, क्योंकि किसान का दावा है कि पुलिस ने कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर उसकी फसल बर्बाद करवा दी।
पूरा मामला गाटा नंबर 544 और 543 के इर्द-गिर्द घूम रहा है। पीड़ित किसान राम अधर पाल का कहना है कि उसकी धान की खड़ी फसल गाटा नंबर 544 पर थी। आरोप है कि पुलिस ने विपक्षी पार्टी का समर्थन किया और उन्हें उसकी जमीन से फसल काटने की अनुमति दे दी। बुधवार सुबह पीड़ित किसान ने इस अन्याय के खिलाफ उप-जिलाधिकारी (SDM) अमेठी को एक औपचारिक शिकायत सौंपी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कोर्ट ऑर्डर और जमीन के नंबर का उलझा मामला
इस मामले में पुलिस और किसान के दावों में बड़ा अंतर है। संग्रामपुर के थाना प्रभारी (SHO) का कहना है कि विपक्षी पार्टी के पास गाटा नंबर 543 से संबंधित कोर्ट का आदेश था, जिसके आधार पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और फसल कटाई की अनुमति दी। वहीं, राम अधर पाल का तर्क है कि उन्होंने पुलिस को स्पष्ट तौर पर बताया था कि फसल गाटा नंबर 544 पर है, न कि 543 पर। किसान का कहना है कि एक प्लॉट के आदेश का इस्तेमाल दूसरे प्लॉट की फसल काटने के लिए करना सरासर गलत है।
शिकायत मिलने के बाद, एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसीलदार ने लेखपाल शारदा प्रसाद को मौके पर भेजकर जांच करने का निर्देश दिया। लेखपाल ने मौके का मुआयना किया और अपनी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है कि शिकायतकर्ता की धान की फसल वास्तव में काट ली गई है।
अब यह मामला राजस्व रिकॉर्ड, कोर्ट के आदेश और लेखपाल की रिपोर्ट के मिलान पर टिका है। किसान राम अधर पाल ने प्रशासन पर भरोसा जताते हुए कहा है कि यदि वह गलत पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई हो, लेकिन अगर उसकी फसल गलत तरीके से कटवाई गई है, तो विपक्षी पार्टी को हर्जाना देना होगा।