अमेठी: 32 साल पुराने मारपीट मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को 3 साल की जेल

Sushant Singh18 October 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
अमेठी: 32 साल पुराने मारपीट मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, तीन दोषियों को 3 साल की जेल

अमेठी जिले में न्याय की चक्की भले ही धीरे चली हो, लेकिन चली जरूर। एक ऐसा मामला जो तीन दशक से ज्यादा समय से कोर्ट में लंबित था, उसमें अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने 32 साल पुराने मारपीट के एक मामले में तीन लोगों को दोषी करार देते हुए उन्हें तीन-तीन साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।

यह पूरा मामला अमेठी के बेरी-बारी थाना क्षेत्र के बेरेठा गांव का है। घटना साल 1992 के आसपास की है, जिसकी एफआईआर 2 जुलाई 1994 को दर्ज कराई गई थी। उस वक्त आरोपियों पर लाठियों से हमला करने, गंदी गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे थे। पुलिस ने मामले की गहन जांच की और 18 अगस्त 1994 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।

'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत मिली सफलता

लंबे समय तक चले इस कानूनी संघर्ष में मोड़ तब आया जब पुलिस ने 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत पुराने मामलों को तेजी से निपटाने और सजा दिलाने पर जोर दिया। पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद सुल्तानपुर की ASJ/FTC कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाया।

अदालत ने शिवलाल, शिवराम और केशवराम को दोषी पाते हुए उन्हें तीन साल की जेल की सजा सुनाई है। सजा के साथ-साथ कोर्ट ने तीनों दोषियों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिससे कुल जुर्माने की राशि 36,000 रुपये हो गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषी जुर्माना भरने में असमर्थ रहते हैं, तो उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

इस फैसले को पुलिस की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के जरिए दशकों पुराने मामलों में दोषियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया जा रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment