अंबेडकरनगर: अपनी सास की हत्या करने वाले दामाद को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया 1 लाख का जुर्माना

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर की एक अदालत ने अपनी ही सास की बेरहमी से हत्या करने वाले एक शख्स को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने दोषी राकेश तिवारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की 80 प्रतिशत राशि मृतक के परिवार को मुआवजे के तौर पर दी जाए। यह फैसला करीब 18 महीने पहले हुई एक खौफनाक वारदात के बाद आया है।
दहेज विवाद और धमकी के बाद हुआ था हमला
मामले की जड़ें पारिवारिक विवाद और दहेज उत्पीड़न से जुड़ी थीं। आरोपी राकेश तिवारी, जो अयोध्या जिले के दर्शननगर इलाके के असापुर तेलैया का रहने वाला है, की शादी शालिनी उपाध्याय से हुई थी। शादी के बाद दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई, जिसके कारण शालिनी अपने पति से अलग होकर सम्मानपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में अपनी मां निर्मला देवी के साथ रहने लगी थी। शालिनी ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वारदात से पहले राकेश ने शालिनी को व्हाट्सएप मैसेज भेजकर सुलह करने या तलाक लेने का दबाव बनाया था। उसने 10 जनवरी तक जवाब मांगा था और धमकी दी थी कि अगर बात नहीं बनी तो वह उसके परिवार को नुकसान पहुंचाएगा या आत्महत्या कर लेगा।
घटना की रात 11 जनवरी को करीब 1:00 बजे राकेश घर में घुसा और चाकू लहराते हुए शालिनी को पकड़ लिया। इस दौरान उसने शालिनी के दाहिने हाथ पर हमला कर उसे घायल कर दिया। जब शालिनी की मां निर्मला देवी अपनी बेटी को बचाने के लिए बीच-बचाव करने आईं, तो आरोपी ने उन पर हमला कर दिया। राकेश ने निर्मला देवी के गले और पेट सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू से कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष ने दावा किया कि आरोपी को पारिवारिक विवाद के कारण फंसाया गया है और घटना के समय वह अयोध्या में था। हालांकि, अदालत ने गवाहों के बयानों और पेश किए गए सबूतों के आधार पर राकेश तिवारी को दोषी मानते हुए यह सख्त फैसला सुनाया।