पुलिस की लापरवाही से 12 दिन ज्यादा रही जेल में, हाई कोर्ट ने लगाया जुर्माना

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुलिस की लापरवाही के कारण जेल में फंसी महिला को 25,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।

Sushant Singh27 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
पुलिस की लापरवाही से 12 दिन ज्यादा रही जेल में, हाई कोर्ट ने लगाया जुर्माना

उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पुलिस विभाग की एक बड़ी लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए एक महिला को मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पाया कि पुलिस की सुस्ती और विभागीय लापरवाही की वजह से लीलावती देवी नाम की एक महिला को अपनी रिहाई की तारीख के बाद भी 12 दिनों तक जबरन जेल में रहना पड़ा। इस गंभीर चूक पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को आदेश दिया है कि वह पीड़ित महिला को 25,000 रुपये का मुआवजा दे।

पूरा मामला दहेज मृत्यु के एक केस से जुड़ा है, जिसमें लीलावती देवी को मृतका की सास होने के नाते आरोपी बनाया गया था। लीलावती की जमानत अर्जी प्रक्रिया में थी, लेकिन पुलिस की लापरवाही के कारण वह समय पर पूरी नहीं हो सकी और वह जेल में ही फंसी रहीं। सुनवाई के दौरान 12 अक्टूबर 2026 को जब सहायक सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि राज्य की ओर से जरूरी निर्देश समय पर नहीं मिले, जिससे जमानत की सुनवाई में देरी हुई, तो कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया।

लापरवाह अधिकारी की सैलरी से कटेगा पैसा

कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 24 अक्टूबर 2026 को देवरिया के पुलिस अधीक्षक (SP) अभिजीत आर. शंकर खुद पेश हुए। उन्होंने स्वीकार किया कि 29 सितंबर को भेजा गया पत्र 1 अक्टूबर को देवरिया एसपी ऑफिस पहुंच गया था, लेकिन संबंधित अधिकारी (परोकर) ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की और बिना निर्देश तैयार किए छुट्टी पर चला गया।

जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच ने पुलिस विभाग की इस कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि 25,000 रुपये का मुआवजा एक महीने के भीतर महिला को दिया जाए। साथ ही, कोर्ट ने पुलिस विभाग को यह छूट भी दी है कि वह इस मामले की जांच करे और जिस अधिकारी की लापरवाही से यह स्थिति पैदा हुई, उसके वेतन से मुआवजे की राशि वसूल करे।

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