सिखों पर टिप्पणी मामला: राहुल गांधी के खिलाफ FIR की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

Shubham Singh16 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
सिखों पर टिप्पणी मामला: राहुल गांधी के खिलाफ FIR की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा सिखों के संबंध में की गई कथित विवादित टिप्पणियों को लेकर कानूनी जंग अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गई है। कोर्ट ने इस मामले में दायर उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है। जस्टिस विक्रम डी चौहान की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों की करीब एक घंटे तक दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय लिया है।

यह पूरा विवाद राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा के दौरान दिए गए एक बयान से शुरू हुआ। याचिकाकर्ता नागेश्वर मिश्रा और अन्य लोगों का आरोप है कि राहुल गांधी ने सिखों के अधिकारों और उनकी पहचान को लेकर विवादित बातें कहीं। इस मामले में याचिकाकर्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 528 के तहत हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

क्या था पूरा विवाद और कानूनी दांव-पेच?

मामले की जड़ें 2024 में राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा से जुड़ी हैं। वहां उन्होंने कहा था कि भारत में सिख समुदाय के बीच यह चिंता है कि क्या उन्हें पगड़ी और कड़ा पहनने की अनुमति होगी और क्या वे गुरुद्वारे जा सकेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि भाजपा और आरएसएस भारत की विविधता और 'यूनियन' की अवधारणा को नहीं समझते और कुछ धर्मों व भाषाओं को दूसरों से कमतर मानते हैं।

इस बयान के बाद वाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्रा ने सारनाथ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने अदालत का रुख किया। इस कानूनी लड़ाई में कई मोड़ आए:

  • वाराणसी की एक अदालत ने पहले इस आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि कथित बयान अमेरिका में दिए गए थे, इसलिए यह कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
  • इसके बाद मामला एमपी/एमएलए कोर्ट और अन्य निचली अदालतों में गया, जहां समय और तारीख स्पष्ट न होने जैसे तकनीकी कारणों से याचिकाएं खारिज होती रहीं।
  • अंततः, यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा, जहां याचिकाकर्ता की ओर से वकील सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी और राज्य सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल मनीष गोयल ने अपनी दलीलें पेश कीं।

दूसरी ओर, राहुल गांधी ने अपने लिखित जवाब में इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने खुद को एक 'सच्चा देशभक्त' बताते हुए कहा कि वह सिख समुदाय सहित सभी धर्मों और समुदायों का गहरा सम्मान करते हैं। राहुल गांधी का तर्क है कि उनके बयानों का उद्देश्य सिखों के हितों और उनके योगदान को उजागर करना था, न कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना। उन्होंने इस पूरी याचिका को 'राजनीति से प्रेरित' करार दिया है।

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