अमेठी: ग्राम प्रधान सुदामा देवी को हटाने का डीएम का आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

Shubham Singh16 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
अमेठी: ग्राम प्रधान सुदामा देवी को हटाने का डीएम का आदेश रद्द, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अमेठी के जिलाधिकारी (DM) द्वारा ग्राम प्रधान सुदामा देवी को उनके पद से हटाने और उनसे पैसों की वसूली करने के आदेश को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इस पूरी कार्रवाई को मनमाना माना और डीएम को निर्देश दिया है कि वे प्रधान के जवाब पर दोबारा विचार करें।

पूरा मामला इस बात से शुरू हुआ कि 19 सितंबर, 2026 को अमेठी डीएम ने सार्वजनिक कार्यों में अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सुदामा देवी को पद से हटाने का आदेश जारी किया था। इसके साथ ही, प्रशासन ने उनसे 1,61,198 रुपये की वसूली भू-राजस्व के बकाये के रूप में करने का निर्देश भी दिया था। इस फैसले के खिलाफ सुदामा देवी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

प्रक्रिया की अनदेखी पर कोर्ट ने जताई नाराजगी

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 95(1)(g) के तहत निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कोर्ट में यह बात सामने आई कि सुदामा देवी को 20 अगस्त, 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका उन्होंने 9 सितंबर को विस्तृत जवाब डीएम कार्यालय में जमा कर दिया था।

हैरानी की बात यह रही कि जब 19 सितंबर को निष्कासन का आदेश जारी किया गया, तब डीएम ने सुदामा देवी द्वारा दिए गए जवाब पर गौर ही नहीं किया। जस्टिस जसप्रीत सिंह की सिंगल बेंच ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब जवाब रिकॉर्ड पर मौजूद था, तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए था, चाहे उसमें मामूली देरी ही क्यों न हुई हो।

हाईकोर्ट ने डीएम के आदेश को मनमाना करार देते हुए निष्कासन और वसूली की कार्यवाही को रद्द कर दिया है। अब अदालत ने अमेठी डीएम को आदेश दिया है कि वे सुदामा देवी के जवाब की समीक्षा करें और कोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने के चार सप्ताह के भीतर कानून के अनुसार नया आदेश पारित करें।

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