अलीगढ़ में एमएलसी स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान शुरू, भारी सुरक्षा के बीच वोटिंग जारी

अलीगढ़ में एमएलसी स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान शुरू हो गया है। जानें कितने मतदाता और कितने पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।

Shubham Singh23 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
अलीगढ़ में एमएलसी स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान शुरू, भारी सुरक्षा के बीच वोटिंग जारी

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एमएलसी स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:00 बजे से वोटिंग शुरू हुई, जो शाम 4:00 बजे तक चलेगी। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए जिले के हजारों मतदाता अलग-अलग मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, जिनमें टीकाराम इंटर कॉलेज जैसे प्रमुख केंद्र शामिल हैं।

अलीगढ़ जिले में कुल 43,911 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए पात्र हैं। इनमें से 36,864 स्नातक मतदाता और 7,047 शिक्षक मतदाता शामिल हैं। चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कुल 67 मतदान केंद्र बनाए हैं, जिनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 48 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 19 बूथ निर्धारित किए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया को संभालने के लिए रिजर्व स्टाफ समेत 296 मतदान कर्मियों की तैनाती की गई है।

बैलेट पेपर से हो रहा मतदान, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इस चुनाव की खास बात यह है कि यहां ईवीएम के बजाय पेपर बैलेट का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसलिए कोई मॉक पोल नहीं किया गया। हालांकि, मतदान शुरू होने से आधे घंटे पहले पोलिंग एजेंटों को बैलेट बॉक्स दिखाए गए। कुल 28 उम्मीदवार इस चुनावी मुकाबले में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने स्पष्ट किया है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण होना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन और कैमरों के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। मतदाताओं को वोट डालने के लिए अपना फोटो पहचान पत्र या चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त कोई मूल दस्तावेज दिखाना अनिवार्य है।

प्रशासनिक सख्ती के तहत, अलीगढ़ मंडल आयुक्त ओ.पी. आर्य ने 23 अक्टूबर को पूरे मंडल में 'ड्राय डे' घोषित किया है, जिससे सभी आबकारी दुकानें बंद रखी गई हैं। वहीं, मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिन्वा ने निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची में मामूली त्रुटियों के कारण किसी भी पात्र मतदाता को उसके अधिकार से वंचित न किया जाए। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस चुनाव में केवल स्नातक या शिक्षक सूची में पंजीकृत लोग ही वोट दे सकते हैं; सामान्य विधानसभा सूची यहां मान्य नहीं है।

इस पूरी व्यवस्था की निगरानी उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्यामलता आनंद कर रही हैं। मतदान के बाद अब सभी की नजरें 27 अक्टूबर 2026 को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि कौन इस सीट पर कब्जा जमाता है।

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