शस्त्र पूजन पर विवाद: एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ने चंद्रशेखर आजाद को सुनाई खरी-खोटी
एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ने शस्त्र पूजन और माफिया के दावों पर चंद्रशेखर आजाद को फटकार लगाते हुए राजा भैया का बचाव किया।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह, जिन्हें लोग गोपाल जी के नाम से भी जानते हैं, ने नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर जोरदार हमला बोला है। यह पूरा विवाद प्रयागराज के फूलपुर में एक जनसभा के दौरान शुरू हुआ, जहां चंद्रशेखर आजाद ने राज्य सरकार के 'माफिया मुक्त' यूपी के दावों पर सवाल उठाए थे।
दरअसल, चंद्रशेखर आजाद ने बिना नाम लिए राजा भैया की ओर इशारा करते हुए कहा था कि एक तरफ सरकार माफिया मुक्त प्रदेश का वादा करती है, वहीं दूसरी ओर हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन गरीबों के मन में डर पैदा करता है। आजाद के इसी बयान ने अब एक राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है, जिस पर अक्षय प्रताप सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
परंपरा और सच्चाई का हवाला देकर किया बचाव
एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ने चंद्रशेखर आजाद को नसीहत देते हुए कहा कि एक राजनेता को किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर बोलने से पहले तथ्यों की पूरी जांच कर लेनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजा भैया सरकार का हिस्सा नहीं हैं और उनकी अपनी अलग राजनीतिक पार्टी है, जिसका भाजपा के साथ कोई गठबंधन नहीं है।
हथियारों के प्रदर्शन के आरोप पर जवाब देते हुए गोपाल जी ने कहा कि जिसे आजाद 'डर' कह रहे हैं, वह दरअसल 'शस्त्र पूजन' की एक पारंपरिक धार्मिक रीति है, जो दशहरे के अवसर पर निभाई जाती है। उन्होंने दावा किया कि इस आयोजन में केवल खास लोग ही नहीं, बल्कि दलित और समाज के गरीब तबके के लोग भी शामिल हुए थे।
अक्षय प्रताप सिंह ने राजा भैया के सामाजिक कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि वे जरूरतमंदों को अपने परिवार की तरह मानते हैं और उनकी हर संभव मदद करते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने चंद्रशेखर आजाद और अन्य राजनीतिक दलों पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि जब बांग्लादेश में दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं, तब ये नेता चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?