अखिलेश यादव की अधिकारियों को दोटूक: राजनीतिक एजेंट बने तो जाना होगा जेल

Sushant Singh21 October 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
अखिलेश यादव की अधिकारियों को दोटूक: राजनीतिक एजेंट बने तो जाना होगा जेल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की चेतावनी ने उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकारी अधिकारियों को सख्त लहजे में आगाह किया है कि वे खुद को नौकरशाह समझें, न कि किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता। उन्होंने साफ कहा कि जो अधिकारी राजनीतिक एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं, उन्हें भविष्य में समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर जेल की हवा खानी पड़ सकती है।

अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले नागरिकों को डराने और चुनावी प्रक्रियाओं में हेरफेर करने के लिए अधिकारियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) और जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को निशाने पर लिया। सपा प्रमुख का दावा है कि उनके पास इन अधिकारियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जिसके आधार पर भविष्य में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भ्रष्टाचार और चुनावी धांधली का आरोप

अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर संस्थागत भ्रष्टाचार और वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के जरिए जीत हासिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) का जिक्र करते हुए उसे लूट और भ्रष्टाचार का केंद्र बताया। इसके साथ ही, उन्होंने एक बड़ा वादा करते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो लाखों 'शिक्षण मित्रों' को स्थायी रोजगार दिया जाएगा और उन्हें पूर्ण शिक्षक का दर्जा मिलेगा।

गौरतलब है कि अखिलेश यादव लगातार सरकारी मशीनरी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने चुनाव आयुक्तों के बीच आंतरिक मतभेदों को लोकतंत्र के लिए हानिकारक बताया था। इससे पहले भी वे नियुक्तियों में जातिगत भेदभाव, पुलिस मुठभेड़ों और संभल की हिंसा जैसे मुद्दों पर राज्य प्रशासन को घेर चुके हैं।

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