यूपी वोटर लिस्ट में बड़ी धांधली का दावा, अखिलेश यादव ने लगाया गंभीर आरोप

Sushant Singh19 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
यूपी वोटर लिस्ट में बड़ी धांधली का दावा, अखिलेश यादव ने लगाया गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर वोटर लिस्ट को लेकर घमासान शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राज्य की मतदाता सूची में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए सपा प्रमुख ने दावा किया कि वोटर लिस्ट में एक ही व्यक्ति का नाम कई जगहों पर दर्ज है, जो लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है।

अखिलेश यादव ने इस गड़बड़ी को साबित करने के लिए फूलमती सूरज नाम की एक महिला का उदाहरण दिया, जिनका नाम कथित तौर पर वोटर लिस्ट में एक से अधिक स्थानों पर मौजूद है। उन्होंने बताया कि यह मामला सपा कार्यकर्ता सचिन के संज्ञान में आया, जिन्होंने लिस्ट की बारीकी से जांच की और बाद में इस विसंगति को सत्यापन के लिए स्थानीय बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास जमा कराया।

'वोट चोरी' की आशंका और निजी कंपनी पर सवाल

आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों की ओर इशारा करते हुए अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से सख्त निगरानी रखने की मांग की है ताकि किसी भी तरह की 'वोट चोरी' को रोका जा सके। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि वोटर डेटाबेस के संचालन में एक निजी कंपनी शामिल है, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक अखंडता के लिए जोखिम बताया। सपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि ये मामूली प्रशासनिक गलतियां नहीं, बल्कि बड़ी अनियमितताएं हैं। उन्होंने इन खामियों के सामने आने को अपने PDA गठबंधन के लिए एक सकारात्मक विकास बताया।

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने रविवार को यह स्वीकार किया कि एक ही व्यक्ति द्वारा बार-बार आवेदन करने से अनजाने में कई वोटर आईडी कार्ड जारी हो सकते हैं। चुनाव कार्यालय का कहना है कि चुनाव आयोग समय-समय पर 'ECINET' सिस्टम के जरिए डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने का काम करता है और ऐसे टूल्स विकसित किए जा रहे हैं जो आवेदन के समय ही डुप्लीकेट एंट्रीज को पकड़ सकें।

नियमों के मुताबिक, मतदाता सूची के संशोधन के लिए बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन किया जाता है और किसी भी नाम को हटाने से पहले औपचारिक सत्यापन प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होता है।

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