अखिलेश यादव का बड़ा दावा: यूपी में ध्वस्त हुई शिक्षा व्यवस्था, फिर से खुलेंगे 26 हजार स्कूल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति और सही निर्णय लेने की क्षमता शिक्षा और ज्ञान पर निर्भर करती है, लेकिन राज्य में मौजूदा हालात बेहद चिंताजनक हैं। अखिलेश यादव का आरोप है कि भाजपा सरकार ने शिक्षा क्षेत्र और एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 10-12 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कोई सुधार नहीं हुआ है। अखिलेश यादव ने कहा कि एक 'रूढ़िवादी मानसिकता' ने न केवल शैक्षणिक विकास को रोका है, बल्कि युवाओं के रोजगार के अवसरों को भी खत्म कर दिया है। उन्होंने राज्य की परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह ध्वस्त बताते हुए कहा कि पिछले एक दशक में पेपर लीक की घटनाओं में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और सरकारी भर्तियों में भेदभाव किया गया है।
2027 के लिए सपा का 'शिक्षा रोडमैप'
अखिलेश यादव ने केवल कमियां नहीं गिनाईं, बल्कि 2027 में सरकार बनने पर अपना पूरा एजेंडा भी साफ कर दिया। उन्होंने वादा किया कि समाजवादी पार्टी सत्ता में आते ही बंद पड़े 26,000 प्राथमिक स्कूलों को दोबारा खोलेगी। इसके साथ ही उन्होंने 'PDA पाठशाला' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की शुरुआत करने का ऐलान किया है। इस पहल के तहत पार्टी कार्यकर्ता, शिक्षित युवा और सेवानिवृत्त शिक्षक उन गांवों में शिक्षा पहुंचाएंगे जहां स्कूल बंद या मर्ज कर दिए गए हैं।
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए उन्होंने कुछ बड़े वादे भी किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- सरकारी कर्मचारियों और 'शिक्षणमित्रों' के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली।
- शिक्षक प्रशिक्षण प्रणाली में व्यापक सुधार।
- पेपर लीक रोकने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन।
- भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए एक सख्त भर्ती कैलेंडर और विस्तृत मार्कशीट का कार्यान्वयन।
अखिलेश यादव ने विश्वविद्यालयों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें विशिष्ट विचारधाराओं के केंद्र में बदल दिया गया है, जिससे वहां गुटबाजी बढ़ी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी प्राथमिकता गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करना होगा ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।