समाजवाद और राम राज्य एक ही हैं: लखनऊ में अखिलेश यादव का बड़ा बयान

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में दशहरा उत्सव के दौरान एक बेहद दिलचस्प और वैचारिक बात कही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाजवाद और राम राज्य एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और दोनों का उद्देश्य समाज में समानता और अच्छाई लाना है। अखिलेश यादव ने इस अवसर पर लोगों को बुराई के खिलाफ निरंतर लड़ने का संदेश दिया।
दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि अधर्म पर धर्म की जीत हमेशा निश्चित होती है। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि वे धरती से बुराई को मिटाने का संकल्प लें और इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से करें, ताकि अच्छाई की जीत सुनिश्चित हो सके।
'असली सनातनी' और AI विवाद पर साधा निशाना
अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने 'सनातनी' शब्द की अपनी व्याख्या पेश की। उन्होंने कहा कि जो लोग दुनिया में अच्छाई और कल्याण लाते हैं, वही वास्तव में सनातनी हैं। वहीं, जो लोग बुराई और नफरत फैलाते हैं, उन्हें उन्होंने 'नकली सनातनी' करार देते हुए जनता को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की चेतावनी दी।
इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने जिक्र किया कि भाजपा ने सुबह एक वीडियो प्रसारित किया था जिसमें उन्हें रावण के रूप में दिखाया गया था। उन्होंने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भाजपा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल नकारात्मकता फैलाने के लिए कर रही है, जबकि तकनीक का उपयोग समाज में अच्छाई और सकारात्मकता बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए।