समाजवाद ही असल में राम राज्य है: लखनऊ में अखिलेश यादव का बड़ा बयान

दशहरे के पावन अवसर पर लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बेहद दिलचस्प और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने समाजवाद और पारंपरिक मूल्यों के बीच एक सीधा संबंध जोड़ते हुए कहा कि समाजवाद असल में 'राम राज्य' ही है और राम राज्य का अर्थ समाजवाद है। अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि जो लोग वास्तव में उनके दर्शन और विचारधारा को मानते हैं, वही असली 'सनातनी' हैं, जबकि गलत काम करने वाले राजनीतिक विरोधियों को उन्होंने 'नकली' सनातनी करार दिया।
भाजपा पर साधा निशाना और 'जन-मन घोषणापत्र' का ऐलान
अपने संबोधन के दौरान सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल राजनीतिक बदनामी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का गलत इस्तेमाल कर रहा है। अखिलेश यादव ने विशेष रूप से उस AI-जनरेटेड वीडियो का जिक्र किया जिसमें उन्हें रावण के रूप में दिखाया गया था। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग समाज की प्रगति के लिए होना चाहिए, न कि किसी को नीचा दिखाने के लिए।
चुनावों की तैयारी को लेकर अखिलेश यादव ने कुछ बड़े ऐलान भी किए। उन्होंने पार्टी मुख्यालय से 'PDA' (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) अभियान के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की शुरुआती तैयारी माना जा रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी का 'जन-मन घोषणापत्र' 26 नवंबर 2026 को संविधान दिवस के मौके पर जारी किया जाएगा।
राजनीतिक मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने सौरव दास और आशुतोष रंका जैसे व्यक्तियों की तत्काल रिहाई की मांग की, जिन्हें उन्होंने राजनीतिक दबाव में हिरासत में लिए जाने का दावा किया। साथ ही, उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे मतदाता सूचियों की सटीकता पर पूरा ध्यान दें, क्योंकि चुनावी पारदर्शिता के लिए यह बेहद जरूरी है।
गौरतलब है कि दशहरे के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा प्रमुख मायावती ने भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं, जिसमें मुख्यमंत्री ने अहंकार त्यागने और जन कल्याण के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।