समाजवाद ही असल में 'राम राज्य' है: AI रावण वीडियो पर बीजेपी को अखिलेश यादव का करारा जवाब

दशहरे के मौके पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राजनीति और धर्म के संगम पर एक बड़ी बात कही है। लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि समाजवाद और 'राम राज्य' अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग समाजवाद में विश्वास रखते हैं, वही वास्तव में 'राम राज्य' की अवधारणा को समझते हैं और वही सच्चे 'सनातनी' हैं।
अखिलेश यादव का यह बयान उस समय आया जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर उन्हें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए रावण के रूप में दिखाने का आरोप लगा। सपा प्रमुख ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि तकनीक का इस्तेमाल समाज की भलाई के लिए होना चाहिए, लेकिन बीजेपी इसका उपयोग राजनीतिक बदनामी और बुराई फैलाने के लिए कर रही है। उन्होंने कहा कि बुराई के खिलाफ लड़ने का संदेश देने वाले त्योहार पर विपक्षी नेता को रावण दिखाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
AI तकनीक और राजनीतिक जंग
उत्तर प्रदेश की राजनीति अब डिजिटल युद्ध के मैदान में तब्दील हो चुकी है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी और उससे जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स सिंथेटिक मीडिया का इस्तेमाल कर उन्हें और उनकी पत्नी डिंपल यादव को निशाना बना रहे हैं। इससे पहले भी ऐसे कई AI वीडियो सामने आए थे जिनमें उन्हें गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की गई थी।
हालांकि, यह डिजिटल लड़ाई एकतरफा नहीं है। समाजवादी पार्टी ने भी पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ AI वीडियो जारी किए हैं। इनमें से कुछ वीडियो काफी विवादित रहे, जिनमें प्रशासनिक विफलताओं और व्यक्तिगत टिप्पणियों को दिखाया गया, जिस पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'सनातन विरोधी' करार दिया था।
अखिलेश यादव ने अंत में प्रदेश की जनता से अपील की कि वे बुराइयों को जड़ से मिटाने का संकल्प लें और उत्तर प्रदेश से ही इस बदलाव की शुरुआत करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो दुनिया में अच्छाई लाता है, वही असली सनातनी है, जबकि गलत काम करने वाले केवल 'नकली' सनातनी हैं।