संजय यदुवंशी को अखिलेश यादव देंगे कानूनी मदद, सुल्तानपुर कोर्ट ने खारिज की जमानत

अवधी गायक और यूट्यूबर संजय यदुवंशी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सुल्तानपुर कोर्ट द्वारा उनकी और उनके भाई की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद अब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। अखिलेश यादव ने संजय यदुवंशी को कानूनी सहायता देने का भरोसा दिया है और दावा किया है कि कलाकार के साथ अन्याय किया जा रहा है।
पूरा विवाद 5 अक्टूबर 2026 की रात से शुरू हुआ, जब पुलिस ने संजय यदुवंशी के घर पर छापेमारी की। गायक के परिवार का आरोप है कि पुलिसकर्मी दीवारों फांदकर अंदर घुसे और उनके साथ बदसलूकी की। वहीं, पुलिस का कहना था कि वह कई दर्ज मामलों के सिलसिले में संजय की तलाश कर रहे थे। इस कानूनी लड़ाई की जड़ शबीब रजा और जफरुल हसन की एक शिकायत है, जिसमें उन्होंने संजय और उनके साथियों पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया था। जवाब में संजय की मां कौशल्या देवी ने भी शबीब रजा के खिलाफ जवाबी शिकायत दर्ज कराई है।
विरोध प्रदर्शन और बढ़ते कानूनी केस
मामला तब और गरमा गया जब 9 अक्टूबर 2026 को संजय यदुवंशी ने अपने माता-पिता और समर्थकों के साथ सुल्तानपुर के टिकोनिया पार्क में एक विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया और संजय व करीब 300 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ चार से पांच नए मुकदमे दर्ज कर लिए। इन मामलों में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, राष्ट्रीय हस्तियों का अपमान करने और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर खराब करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। अब जब 13 अक्टूबर को कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी है, तो संजय यदुवंशी की गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है, जिसके बाद अखिलेश यादव ने उनके साथ खड़े होने का ऐलान किया है।