स्नातक एमएलसी चुनाव: सैफई में अखिलेश यादव ने डाला वोट, भाजपा पर लगाया गंभीर आरोप
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सैफई में स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए वोट डाला और भाजपा पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश में स्नातक एमएलसी चुनाव की गहमागहमी के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सैफई (इटावा) में अपना मतदान किया। वोट डालने के बाद अखिलेश यादव ने लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए मतदाताओं से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की। इस चुनाव में कुल 11 सीटों (5 स्नातक और 6 शिक्षक) के लिए मुकाबला है, जिसमें 152 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
मतदान केंद्र से बाहर निकलते ही सपा प्रमुख का तेवर हमलावर नजर आया। उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल ने वोटर लिस्ट में हेरफेर की है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि आगरा, फतेहपुर, गोरखपुर और जौनपुर जैसे जिलों में सपा समर्थकों को वोट डालने से रोका गया। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और तंज कसते हुए कहा कि भाजपा को 'वोट चोरी की यूनिवर्सिटी' खोल लेनी चाहिए ताकि वे अपनी इन तकनीकों को संस्थागत रूप दे सकें।
चुनाव में गहमागहमी और झड़पें
अखिलेश यादव के साथ पार्टी के अन्य दिग्गज नेताओं ने भी मतदान किया, जिनमें शिवपाल सिंह यादव, सरला यादव, राम गोपाल यादव, अक्षय यादव और डॉ. रिचा यादव शामिल रहे। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया में करीब 14.81 लाख पंजीकृत मतदाता 2,697 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
हालांकि, मतदान के दौरान राज्य के कई हिस्सों से तनाव की खबरें भी आईं। मैनपुरी के किशनी में भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई, वहीं वाराणसी में एक सपा उम्मीदवार के साथ धक्का-मुक्की की घटना सामने आई। इसके अलावा, मैनपुरी के बेवर से फर्जी मतदान की शिकायतें भी मिली हैं। दोपहर 2 बजे तक करीब 40% मतदान दर्ज किया गया, जिसमें मेरठ, आगरा, लखनऊ, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी मंडलों में अलग-अलग स्तर की भागीदारी देखी गई।
इस चुनाव में मतपत्रों (बैलेट पेपर) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें चुनाव आयोग द्वारा दिए गए बैंगनी स्केच पेन से निशान लगाया जा रहा है। इन सभी सीटों के परिणाम 27 अक्टूबर, 2026 को घोषित किए जाएंगे।