वाराणसी: दलमंडी में दुकानों और घरों के ढहाए जाने पर अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरा

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने वाराणसी की दलमंडी में घरों और दुकानों के ढहाए जाने को लेकर भाजपा सरकार को घेरा है। जानें क्या है पूरा मामला।

Shubham Singh3 November 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
वाराणसी: दलमंडी में दुकानों और घरों के ढहाए जाने पर अखिलेश यादव ने भाजपा को घेरा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी के ऐतिहासिक दलमंडी इलाके में हुई बड़े पैमाने पर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव का आरोप है कि सरकार ने इस क्षेत्र में 180 से अधिक घरों और 500 से ज्यादा दुकानों को निशाना बनाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया, जो स्थानीय निवासियों और व्यापारियों के साथ सरासर अन्याय है।

सपा प्रमुख ने इस पूरी कार्रवाई को अनावश्यक बताते हुए कहा कि यदि शहर में मेट्रो प्रोजेक्ट को समय पर पूरा कर लिया गया होता, तो इस तरह के बड़े विस्थापन और तबाही की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने सवाल उठाया कि विकास के नाम पर आम लोगों के आशियाने और कारोबार छीनना किस तरह की नीति है।

काशी विश्वनाथ धाम के रास्ते को चौड़ा करने के लिए हुई कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई दलमंडी के एक 650 मीटर लंबे हिस्से को चौड़ा करने के लिए की गई थी। प्रशासन का लक्ष्य इस सड़क की चौड़ाई को 3-5 मीटर से बढ़ाकर करीब 17.4 मीटर करना था, ताकि काशी विश्वनाथ धाम जाने वाले रास्ते को सुगम बनाया जा सके। इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD), वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और वाराणसी नगर निगम को सौंपी गई थी।

सरकारी आंकड़ों की बात करें तो यह ध्वस्तीकरण अभियान अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था। जुलाई 2026 के अंत तक, चिन्हित किए गए 187 भवनों में से 181 को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। इस साल भर चले अभियान के दौरान दलमंडी के व्यापारिक केंद्र में 500 से अधिक दुकानें प्रभावित हुईं। हालांकि, अक्टूबर 2026 तक ध्वस्तीकरण का काम पूरा हो चुका है, लेकिन अखिलेश यादव के हालिया बयानों ने एक बार फिर शहरी विकास और विस्थापन के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।

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