आजम खान की गिरफ्तारी पर भड़के अखिलेश यादव, बोले- यह कायरतापूर्ण राजनीतिक साजिश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ईडी द्वारा आजम खान की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए इसे राजनीतिक साजिश और कायरतापूर्ण कृत्य बताया है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वरिष्ठ नेता आजम खान की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अखिलेश यादव ने इस पूरी कार्रवाई को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार देते हुए वर्तमान सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश और दुनिया यह देख रही है कि किस तरह एक बुजुर्ग नेता को निशाना बनाया जा रहा है।
यह पूरा मामला तब गरमाया जब 31 अक्टूबर 2026 को आजम खान को रामपुर जिला जेल से रिहा होते ही ईडी ने हिरासत में ले लिया। बता दें कि इससे ठीक पहले 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'दोहरे पैन कार्ड' धोखाधड़ी के एक मामले में उनकी सजा निलंबित करते हुए जमानत दे दी थी, लेकिन जेल से बाहर निकलते ही उन्हें दोबारा कानूनी शिकंजे में ले लिया गया।
"समय बदलने पर सिंहासन भी बदल जाता है"
अखिलेश यादव ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर शासकों को यह याद रखना चाहिए कि जब समय बदलता है, तो सिंहासन भी बदल जाता है। उन्होंने बुजुर्ग नेता को बार-बार जेल भेजने की कार्रवाई को "कायरतापूर्ण कृत्य" बताया और कहा कि सत्ताधारी दल एक ऐसा खतरनाक उदाहरण पेश कर रहा है, जिसका खामियाजा उन्हें भविष्य में भुगतना पड़ेगा। सपा प्रमुख का मानना है कि वर्तमान भाजपा सरकार से न्याय की उम्मीद करना व्यर्थ है क्योंकि आजम खान को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, यह गिरफ्तारी मनी लॉन्ड्रिंग की एक बड़ी जांच का हिस्सा है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आजम खान और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज 58 एफआईआर पर आधारित है। ईडी ने पहले ही रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की करीब 1,170 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं, जिसमें सरकारी फंड के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।
अब ईडी आजम खान को रविवार, 1 नवंबर 2026 को गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट में पेश करेगी, जहां उनकी कस्टडी मांगने की तैयारी है।