सैफई महोत्सव हादसा: अखिलेश यादव और सचिव के खिलाफ सुल्तानपुर कोर्ट में शिकायत दर्ज
सैफई महोत्सव 2004 हादसे के मुआवजे और फर्जी डेथ सर्टिफिकेट मामले में अखिलेश यादव के खिलाफ सुल्तानपुर कोर्ट ने लिया संज्ञान।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सुल्तानपुर की विशेष सांसद/विधायक कोर्ट में उनके और उनके निजी सचिव गजेंद्र सिंह के खिलाफ एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई है। यह पूरा मामला साल 2004 में आयोजित सैफई महोत्सव के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे से जुड़ा है, जिसने अब कानूनी मोड़ ले लिया है।
मामले की जानकारी के मुताबिक, 2004 के सैफई महोत्सव में बिजली के खुले तारों की चपेट में आने से एक बड़ा हादसा हुआ था। इस दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई थी, जबकि सुल्तानपुर के गोसाईगंज इलाके के रहने वाले मोहम्मद अली गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शिकायतकर्ता मोहम्मद अली का आरोप है कि उन्हें इलाज और नुकसान के तौर पर 15.05 लाख रुपये के मुआवजे का वादा किया गया था, लेकिन 22 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें एक पैसा नहीं मिला।
फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनाने का गंभीर आरोप
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू धोखाधड़ी का आरोप है। मोहम्मद अली ने आरोप लगाया है कि अखिलेश यादव के निजी सचिव गजेंद्र सिंह ने एक बड़ी साजिश रची। आरोप है कि गजेंद्र सिंह ने एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करवाया, जिसमें जीवित मोहम्मद अली को मृत घोषित कर दिया गया। दावा किया गया है कि इस फर्जी दस्तावेज पर सचिव के हस्ताक्षर मौजूद हैं, ताकि मुआवजे की प्रक्रिया को खत्म किया जा सके।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यह याचिका दायर की गई थी, जिस पर अब विशेष मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए गोसाईगंज थाना प्रभारी (SHO) को आदेश दिया है कि वे इन आरोपों की जांच कर औपचारिक रिपोर्ट पेश करें।
फिलहाल इस पूरे मामले पर अखिलेश यादव या उनके निजी सचिव की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अदालत ने इस केस की अगली सुनवाई की तारीख 7 नवंबर, 2026 तय की है।