धीरेंद्र शास्त्री पर भड़के अखिलेश यादव, भगवान राम-कृष्ण के अपमान का आरोप लगा लखनऊ में दर्ज कराई FIR
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर भगवान राम और कृष्ण का अपमान करने का आरोप लगाते हुए लखनऊ में पुलिस शिकायत दर्ज कराई है।

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिलेश यादव ने शास्त्री पर भगवान श्री कृष्ण और भगवान श्री राम के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां करने का गंभीर आरोप लगाया है। सपा प्रमुख का कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण की 'त्रिभंग' मुद्रा और उनकी बांसुरी की तुलना भगवान राम से करते हुए जिस तरह की बात कही, वह यदुवंशी और रघुवंशी दोनों समुदायों का अपमान है।
इस विवाद के बाद समाजवादी पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सपा कार्यकर्ताओं ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई है और मांग की है कि उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
यूपी की सीमा पर बैन लगाने की मांग
अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने एक बेहद सख्त सुझाव देते हुए कहा कि जो लोग ईशनिंदा करते हैं या धर्म का अपमान करते हैं, उन्हें ब्रज और अवध जैसे पवित्र धार्मिक क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोका जाना चाहिए। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर एक बोर्ड लगाया जाए, ताकि ऐसे लोगों को आधिकारिक तौर पर यूपी में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया जा सके जो अपमानजनक बयान देते हैं।
राजनीतिक मोर्चे पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने गोरखपुर में भाजपा के भीतर चल रही आपसी कलह का जिक्र किया और अपने विरोधियों की नकारात्मक राजनीति को संकीर्ण मानसिकता वाला बताया। साथ ही, उन्होंने प्रतापगढ़ के कुंडा में रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) द्वारा 17 से 20 नवंबर तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया।
आगामी 2027 विधानसभा चुनावों की ओर इशारा करते हुए सपा प्रमुख ने इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई करार दिया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को वोटर लिस्ट पर बारीकी से नजर रखने का निर्देश दिया। अखिलेश यादव ने दावा किया कि हालिया चुनावी नतीजों के बाद भाजपा का प्रभाव कम हो रहा है और जनता अब डराने-धमकाने वाले नेताओं के बजाय उन नेताओं को पसंद कर रही है जिन्होंने लैपटॉप जैसे विकास कार्य और बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया है।