चुनाव तारीख घोषित होते ही हार जाएगी भाजपा: लखनऊ में अखिलेश यादव का बड़ा दावा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा की हार का दावा किया और 'प्री-पेड पार्टियों' पर तीखा हमला बोला। जानें क्या है उनका पूरा बयान।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का दावा है कि जिस दिन चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान होगा, उसी पल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार शुरू हो जाएगी। अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में न केवल सत्ताधारी दल पर निशाना साधा, बल्कि राज्य की राजनीति में सक्रिय कुछ अन्य दलों पर भी गंभीर आरोप लगाए।
अखिलेश यादव ने 'प्री-पेड पार्टियों' का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल पूरी तरह से बाहरी निर्देशों पर चलते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इन पार्टियों को अपना 'ओटीपी' (निर्देश) बाहर से मिलता है और वे केवल दूसरों के हितों के लिए लाउडस्पीकर की तरह काम करती हैं। इस हमले को और तीखा बनाते हुए उन्होंने एक रहस्यमयी चेतावनी दी कि "एक बार जब डोर कट जाएगी, तो खेल खत्म हो जाएगा।"
PDA रणनीति और पार्टी का विस्तार
सपा प्रमुख केवल बयानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे जमीन पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। 26 और 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी ने अपनी ताकत बढ़ाते हुए कई दिग्गजों को पार्टी में शामिल किया। इनमें पूर्व आईएएस अधिकारी राम बहादुर पासी और बदायूं के दो पूर्व भाजपा विधायक शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे अखिलेश यादव की 'PDA' (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जिसके जरिए वे एक बड़ा सामाजिक गठबंधन तैयार करना चाहते हैं।
हालांकि, इस रणनीति को विपक्षी दलों ने खारिज कर दिया है। कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के 'PDA' फॉर्मूले को पाखंड करार दिया और दावा किया कि उनके राजनीतिक गढ़ अब ढह रहे हैं। दूसरी ओर, सपा विधायक राजीव राय ने गठबंधन के भीतर किसी भी तरह की कलह की खबरों को नकारते हुए अपना पूरा ध्यान राज्य के विकास और मौजूदा सरकार की विफलताओं पर केंद्रित रखा है।