अखिलेश यादव ने भाजपा नेताओं का किया स्वागत, चुनाव में धांधली के 10 तरीकों पर बोला हमला

उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला काफी तीखा रहा। एक तरफ जहां उन्होंने भाजपा छोड़कर सपा में आए नए नेताओं का स्वागत किया, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर लोकतंत्र को कमजोर करने और चुनावों में हेरफेर करने के गंभीर आरोप लगाए।
इस कार्यक्रम में सबसे बड़ा आकर्षण गोंडा के पूर्व भाजपा नेता भवानी भीख शुक्ला और उनके पांच बेटों—भगवान शिव शुक्ला, भगवान विष्णु शुक्ला, भगवान शंकर शुक्ला, भगवान शुक्ला और भगवान कृष्ण शुक्ला का सपा में शामिल होना रहा। इनके अलावा खुर्जा, बुलंदशहर, सीतापुर, बाबागंज और हापुड़ के कई नेता भी सपा परिवार का हिस्सा बने। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव अपनी जमीन मजबूत कर रहे हैं।
भाजपा के '10 चुनावी हथकंडों' का किया खुलासा
नेताओं के स्वागत के बाद अखिलेश यादव ने भाजपा की कार्यशैली पर प्रहार करते हुए उन 10 तरीकों की सूची गिनाई, जिनके जरिए वह चुनाव जीतने का दावा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा फर्जी वोट डलवाती है और असली विपक्षी वोटों को कटवाती है। साथ ही, मतदान से ठीक पहले मतदाताओं को प्रलोभन देने के लिए खाने-पीने का इंतजाम किया जाता है और चुनाव के दिन हथियारों के दम पर डराया जाता है।
अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके, उन्होंने ईवीएम (EVM) में गड़बड़ी, वोटों की गिनती में हेराफेरी और हारे हुए उम्मीदवारों को विजेता घोषित करने जैसे गंभीर दावे किए। उन्होंने कहा कि भाजपा फर्जी जीत के प्रमाण पत्र जारी करती है और चुनाव के बाद विपक्षी दलों में फूट डालकर सरकारें बनाती है। इन तरीकों की तुलना करते हुए उन्होंने भाजपा की कार्यशैली को हिटलर के तौर-तरीकों जैसा बताया।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए सपा प्रमुख ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उनका कहना है कि चुनाव आयोग अब भाजपा के प्रभाव में काम कर रहा है और अपनी विश्वसनीयता खो चुका है।
गौरतलब है कि यह पूरा घटनाक्रम तब हो रहा है जब इससे ठीक एक दिन पहले अमेठी में एक बड़ा उलटफेर हुआ था। सपा के तीन बागी विधायक—राकेश प्रताप सिंह (गौरीगंज), अभय सिंह (गोसाईंगंज) और विनोद चतुर्वेदी (कल्पी) भाजपा में शामिल हो गए थे। इन विधायकों ने 2024 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान किया था। उनके भाजपा में शामिल होने के मौके पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी मौजूद थे।