अखिलेश यादव का बड़ा दावा: BJP के लिए 'फ्लॉप शो' रहे चुनाव, 2027 में होगी करारी हार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विधान परिषद चुनाव में BJP की हार को 2027 विधानसभा चुनाव का ट्रेलर बताया है। पढ़ें पूरी खबर।

Sushant Singh29 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने हालिया चुनाव परिणामों के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी को एक 'फ्लॉप शो' करार देते हुए कहा कि वाराणसी में हुई हार इस बात का संकेत है कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है। अखिलेश यादव के मुताबिक, विधान परिषद चुनावों में बीजेपी और उसके सहयोगियों की शुरुआती गिनती और फिर दोबारा गिनती, दोनों में हार हुई है, जिसे उन्होंने 'डबल इंजन' सरकार की 'डबल हार' बताया है।

सपा प्रमुख ने इन परिणामों को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की प्रस्तावना (प्रोलॉग) कहा है। उन्होंने तर्क दिया कि यह हार केवल एक चुनावी नतीजा नहीं है, बल्कि शिक्षकों, छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के प्रति बीजेपी की नीतियों के खिलाफ जनता का आक्रोश है। अखिलेश यादव ने विशेष रूप से बेरोजगार स्नातकों के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं ने इस चुनाव के जरिए अपना कड़ा संदेश दे दिया है।

PDA की ताकत और BJP का संकट

अखिलेश यादव ने दावा किया कि बीजेपी ने समाज के विभिन्न वर्गों को हाशिए पर धकेल दिया है, जिससे अब पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों (PDA) का एक मजबूत गठबंधन तैयार हो गया है। उनके अनुसार, यह PDA बेस अब मतदाताओं का 95 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है, जिससे बीजेपी के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने यहाँ तक आरोप लगाया कि जिन सीटों पर बीजेपी जीती है, वहां भी हेरफेर का सहारा लिया गया है।

बीजेपी के आंतरिक हालात पर टिप्पणी करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 'डबल इंजन' के बीच अब घर्षण बढ़ गया है और पार्टी के भीतर आपसी कलह चरम पर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के पास आगामी विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की कमी है और उनके 'टिकट काउंटर' खाली पड़े हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए अखिलेश यादव ने जीतने वाले उम्मीदवारों को बधाई दी। साथ ही, उन्होंने उन लोगों के प्रति अपना समर्थन जताया जिन्हें उनके अनुसार 'धोखाधड़ी और जालसाजी' से हराया गया। उन्होंने कहा कि भले ही उनके पास आधिकारिक सर्टिफिकेट न हों, लेकिन जनता की नजर में वे विजेता हैं। अखिलेश ने विश्वास जताया कि यही एकजुटता 2027 में सरकार बनाने की नींव रखेगी।

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