रामपुर में गरजे अखिलेश यादव, बोले- आजम खान के खिलाफ भाजपा कर रही प्रतिशोध की राजनीति
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रामपुर में भाजपा पर आजम खान के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति करने और शिक्षा के अधिकार को छीनने का आरोप लगाया है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर के दौरे के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य की सत्ताधारी भाजपा वरिष्ठ नेता आजम खान को निशाना बनाने के लिए 'प्रतिशोध की राजनीति' का सहारा ले रही है। अखिलेश यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झूठे कानूनी मामलों के जरिए किसी की पहचान और उनके संघर्ष की विरासत को मिटाया नहीं जा सकता।
जनसभा को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख ने आजम खान के समर्थन में कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "वह आजम थे, वह आजम हैं और वह हमेशा आजम ही रहेंगे।" अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रशासन भ्रष्ट अधिकारियों और फर्जी मुकदमों का इस्तेमाल करके राजनीतिक विरोधियों को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि जब भी भाजपा द्वारा किए गए अन्याय का इतिहास लिखा जाएगा, तो रामपुर का जिक्र प्रमुखता से होगा।
जौहर यूनिवर्सिटी और शिक्षा के अधिकार पर विवाद
अखिलेश यादव ने केवल कानूनी मामलों पर ही नहीं, बल्कि शिक्षा के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की साजिश जौहर यूनिवर्सिटी को बंद करने की है, ताकि पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों (PDA) के शिक्षा के अधिकार को छीना जा सके। सपा नेता के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों को कमजोर करना सीधे तौर पर समाज के पिछड़े और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा की सोच शिक्षा और प्रगतिशील विचारों के खिलाफ है। अखिलेश यादव का मानना है कि आजम खान की प्रगतिशील सोच और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की वजह से ही भाजपा उनके प्रति राजनीतिक द्वेष रखती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का शासन विकास या शिक्षा के बजाय बदले की भावना से प्रेरित है। अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि जनता इस तरह की राजनीति का जवाब देगी और भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।