'चुनाव आयोग की आड़ में छिप रही भाजपा', अखिलेश यादव का बड़ा हमला

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए सियासी माहौल गरमा दिया है। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा वोट चोरी के जरिए भारत के लोकतंत्र, संविधान और आम नागरिकों के साथ विश्वासघात कर रही है। अखिलेश यादव का दावा है कि जैसे-जैसे भाजपा कमजोर हो रही है, वह चुनाव आयोग की आड़ में छिपने की कोशिश कर रही है और अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए आयोग का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस राजनीतिक हमले के बीच अखिलेश यादव नवीन गल्ला मंडी के साई लॉन में आयोजित दुर्गा पूजा और 'माता की चौकी' कार्यक्रम में भी शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने आयोजकों को बधाई देते हुए देश की विविधता और विभिन्न संस्कृतियों व धर्मों के लोगों के एक साथ रहने की खूबसूरती की सराहना की।
भाजपा का पलटवार: 'संविधान पढ़ने की आदत नहीं'
अखिलेश यादव के इन बयानों पर भाजपा ने कड़ा प्रहार किया है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि सपा प्रमुख को संविधान की कोई समझ नहीं है और वे केवल आधारहीन बयानबाजी करते हैं। भाटिया ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव की तुलना करते हुए तंज कसा कि दोनों ने ही संविधान नहीं पढ़ा है, इसलिए वे अक्सर इसके खिलाफ टिप्पणी करते हैं। उन्होंने सपा के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अखिलेश यादव धर्म के आधार पर आरक्षण और सुविधाएं देने का वादा करते हैं। साथ ही, मुजफ्फरनगर दंगों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहे और केवल तुष्टिकरण की राजनीति की।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजनीतिक सत्ता तो विरासत में मिल सकती है, लेकिन बुद्धिमत्ता नहीं। राजभर ने लैपटॉप घोटाले का जिक्र किया और आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का विरोध किया है, जो महिला आरक्षण विधेयक के प्रति उनके नजरिए को दर्शाता है।