विकसित भारत और हिंदुस्तानियत बचाने के लिए भाजपा को हटाना जरूरी: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव का दावा है कि अगर देश को वास्तव में विकसित बनाना है और भारत की मूल पहचान यानी 'हिंदुस्तानियत' को सुरक्षित रखना है, तो सत्ता से भारतीय जनता पार्टी का जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब जनता का भरोसा खो चुकी है और उसका जनाधार तेजी से घट रहा है।
अखिलेश यादव ने भाजपा की कार्यशैली को तानाशाही करार देते हुए कहा कि यह पार्टी अपने ही कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा 'PDA' (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समुदायों का दमन कर रही है, जिससे पार्टी के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है। सपा प्रमुख के अनुसार, अब युवा पीढ़ी भाजपा की पुरानी विचारधारा को चुनौती दे रही है और देश को धर्म के बजाय समझदारी और सामाजिक सद्भाव वाली राजनीति की जरूरत है।
2027 चुनाव और सरकार पर गंभीर आरोप
आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर बात करते हुए अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी का पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी केवल कुछ चुनिंदा सीटों पर नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने सरकार को 'चढ़ावा चोर' तक कह डाला। साथ ही, उन्होंने भाजपा पर वोटर फॉर्म में गड़बड़ी और चुनावी धांधली के आरोप लगाए। 'विकसित भारत' के दावों की पोल खोलते हुए अखिलेश ने झांसी की एक हृदयविदारक घटना का जिक्र किया, जहां एक व्यक्ति अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार तक नहीं कर पाया। उन्होंने इसे सरकार की आर्थिक विफलताओं का सबूत बताया।
हाल ही में दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध मार्च में शामिल हुए अखिलेश यादव की तबीयत खराब बताई गई। सपा ने स्पष्ट किया कि 102 डिग्री बुखार होने के कारण वह थोड़े शांत नजर आए। राजनीतिक गतिविधियों को जारी रखते हुए अखिलेश यादव 8 अक्टूबर को अयोध्या में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होंगे।