आजम खान पर भ्रष्टाचार की FIR: रामपुर विधायक आकाश सक्सेना बोले- यह जनता की जीत है

रामपुर के भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ दर्ज हुई नई एफआईआर का जोरदार समर्थन किया है। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के बाद अज़ीम नगर थाने में दर्ज कराया गया है, जिसमें सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
विधायक आकाश सक्सेना ने इस कानूनी कार्रवाई को अपनी पुरानी लड़ाई की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि साल 2017 से वे लगातार इन भ्रष्टाचारों की बात कर रहे थे। सक्सेना का आरोप है कि आजम खान ने मंत्री रहते हुए अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और सरकारी ठेकों से अवैध कमीशन लेकर फर्जी फर्मों और फर्जी डोनेशन के जरिए जौहर यूनिवर्सिटी में अपना निजी साम्राज्य खड़ा किया। उन्होंने इस एफआईआर को रामपुर की जनता की जीत करार दिया है।
करोड़ों के हेरफेर और ED की जांच का पूरा ब्यौरा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जांच के मुताबिक, जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण खर्च में लगभग 494 करोड़ रुपये का हिसाब नहीं मिल रहा है। वहीं, रिकॉर्ड्स में 416.14 करोड़ रुपये की लागत दिखाई गई है, जिसका ट्रस्ट की घोषित आय से कोई मेल नहीं बैठता। इसके अलावा, विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए आवंटित 85.81 करोड़ रुपये के गबन का भी आरोप है।
इस मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए, 13 अक्टूबर 2026 को ED की एक टीम ने रामपुर जेल में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से करीब 8-9 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली चार दिनों की अनुमति के बाद यह पूछताछ संभव हो पाई। जांच एजेंसी ने मुख्य रूप से ट्रस्ट फंड के स्रोतों, डमी ट्रस्टियों की भूमिका और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन पर सवाल पूछे। इस पूरे मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी है और अगली सुनवाई 28 अक्टूबर 2026 को तय की गई है।