सहारनपुर: आकाश आनंद का BJP, SP और कांग्रेस पर तीखा हमला, नाकुर से नरेश सैनी होंगे उम्मीदवार
BSP नेता आकाश आनंद ने सहारनपुर की रैली में BJP, SP और कांग्रेस को घेरा। स्कूलों के बंद होने और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर उठाए सवाल।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद ने सहारनपुर के सोराना गांव में एक विशाल जनसभा के दौरान राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अंबाला रोड स्थित 'द हेरिटेज हवेली' में आयोजित इस रैली में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया। आकाश आनंद सहारनपुर रैली के दौरान उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली और विपक्षी दलों की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए।
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आकाश आनंद ने आरोप लगाया कि पिछले दस सालों में प्रशासन की नाकामियों को छिपाने के लिए करीब 7,000 करोड़ रुपये केवल विज्ञापनों और प्रचार-प्रसार पर खर्च कर दिए गए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार न तो कोई नया स्कूल खोल पाई और न ही पुराने स्कूलों को बचा सकी, बल्कि उनके कार्यकाल में 25,000 सरकारी स्कूल बंद हो गए।
दलों की 'साठगांठ' और युवाओं के मुद्दों पर प्रहार
आकाश आनंद ने भाजपा और कांग्रेस को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए कहा कि दोनों ही दलों की सोच दलित विरोधी है। वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को 'भ्रमित नेता' करार देते हुए उन्होंने सपा को भाजपा की 'बी-टीम' बताया। उन्होंने इसका प्रमाण देते हुए कहा कि सपा ने भाजपा नेता के बेटे को राज्यसभा का टिकट दिया, जो उनकी असली मंशा को दर्शाता है।
युवाओं और आम जनता की समस्याओं पर बात करते हुए बसपा नेता ने कहा कि जनता को 'सस्ते राशन' की नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार की जरूरत है। उन्होंने तेल और गैस की बढ़ती कीमतों, महिलाओं की सुरक्षा में विफलता और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की साजिशें जानबूझकर रची जाती हैं ताकि युवाओं को सरकारी नौकरियों से वंचित रखा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने मायावती सरकार के समय हुए विकास कार्यों की याद दिलाई।
इस रैली का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पहलू नाकुर विधानसभा सीट रहा, जहां आकाश आनंद ने औपचारिक रूप से नरेश सैनी की उम्मीदवारी की घोषणा की। गौरतलब है कि नवंबर 2026 के दौरान बसपा उत्तर प्रदेश के विभिन्न बड़े शहरों में ऐसी रैलियां करने जा रही है, जिसका मकसद आगामी चुनावों के लिए अपनी जमीन मजबूत करना है।