बुलंदशहर रैली: मायावती के सामने झुके आकाश आनंद, सार्वजनिक तौर पर मांगी माफी

बसपा नेता आकाश आनंद ने बुलंदशहर रैली में मायावती के सामने झुककर माफी मांगी और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई।

Shubham Singh28 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
बुलंदशहर रैली: मायावती के सामने झुके आकाश आनंद, सार्वजनिक तौर पर मांगी माफी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के भीतर मचे घमासान के बाद अब सुलह की तस्वीर सामने आई है। बुलंदशहर में आयोजित एक विशाल रैली के दौरान बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद ने पार्टी प्रमुख मायावती के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। इस भावुक पल के दौरान आकाश आनंद ने सबके सामने अपना सिर झुकाकर 'बहनजी' के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया और पार्टी के प्रति अपनी अटूट निष्ठा दोहराई।

रैली को संबोधित करते हुए आकाश आनंद ने कहा कि वह मायावती के दिखाए रास्ते पर चल रहे हैं और बहुजन समाज की सेवा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने को तैयार हैं। उन्होंने अपनी पार्टी से निष्कासन और फिर वापसी के पीछे की निजी बातचीत का जिक्र भी किया। आनंद ने बताया कि जब उन्होंने मायावती से पूछा कि उन्हें बार-बार परीक्षाओं से क्यों गुजरना पड़ता है, तो मायावती ने उन्हें बाबा साहेब अंबेडकर और कांशीराम जी के संघर्षों और उनके जीवन की कठिन परीक्षाओं की याद दिलाई। इस पर आकाश आनंद ने कहा कि वह इन शर्तों को स्वीकार करते हैं और पार्टी की मजबूती के लिए जितनी बार जरूरी हो, उतनी बार परीक्षा देने को तैयार हैं।

विपक्ष पर साधा निशाना और चुनावी घोषणा

अपनी वापसी के बाद आकाश आनंद पूरी तरह हमलावर नजर आए। उन्होंने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को महंगाई, बेरोजगारी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे पर जमकर घेरा। इतना ही नहीं, उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखे हमले किए। राहुल गांधी को 'भ्रमित नेता' बताते हुए उन्होंने अखिलेश यादव की 'PDA' रणनीति पर भी सवाल उठाए।

इस रैली का एक अहम राजनीतिक पहलू यह भी रहा कि आकाश आनंद ने आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अपनी तैयारी का ऐलान कर दिया। उन्होंने मंच से आधिकारिक तौर पर मनोज प्रधान को अनूपशहर सीट से बसपा का उम्मीदवार घोषित किया।

गौरतलब है कि आकाश आनंद को 10 सितंबर 2026 को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। हालांकि, 2 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक माफी मांगने और वरिष्ठ नेताओं व परिवार के हस्तक्षेप के बाद 5 अक्टूबर को मायावती ने उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया था।

Share:

Comments

Leave a comment