वाराणसी चुनाव में 'चोरी' और गड़बड़ी का आरोप, अजय राय ने पीएम मोदी की जीत पर उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी लोकसभा सीट से जीत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अजय राय ने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी ने प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर और चुनावी गड़बड़ियों के जरिए यह सीट जीती है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी संदेह जताया है।
दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को चुनौती दी थी कि वे समाजवादी पार्टी (सपा) के समर्थन के बिना चुनाव जीतकर दिखाएं। इस बयान पर पलटवार करते हुए अजय राय ने कहा कि राजनाथ सिंह को पहले वाराणसी सीट के तथ्यों पर बात करनी चाहिए, जहां से प्रधानमंत्री तीसरी बार चुने गए हैं। राय ने तर्क दिया कि रायबरेली में सोनिया गांधी और अब राहुल गांधी की जीत यह साबित करती है कि कांग्रेस का अपना आधार है।
काउंटिंग के दौरान 'चमत्कार' का दावा
अजय राय ने 2024 के लोकसभा चुनाव की मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए एक चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि शुरुआती सात राउंड तक प्रधानमंत्री पिछड़ रहे थे, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद चुनाव आयोग ने अपडेट देना बंद कर दिया। राय के मुताबिक, शाम 7 बजे अचानक यह घोषणा कर दी गई कि पीएम मोदी जीत गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर वह कौन सा 'चमत्कार' था जिसने हारते हुए उम्मीदवार को जीत दिला दी।
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया के जरिए भी राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री में इतनी हिम्मत है कि वे बिना गठबंधन के साथियों के और बिना सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के अकेले चुनाव लड़ सकें? अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा अब पूरी तरह अपने सहयोगियों और 'हॉर्स ट्रेडिंग' (विधायकों/सांसदों की खरीद-फरोख्त) की राजनीति पर निर्भर हो गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि वाराणसी की जनता आने वाले समय में इसका जवाब जरूर देगी।