यूपी चुनाव 2027: ओवैसी और चंद्रशेखर आजाद के बीच गठबंधन की तैयारी, जल्द होगा बड़ा ऐलान
यूपी चुनाव 2027 के लिए AIMIM और आजाद समाज पार्टी गठबंधन की तैयारी में हैं। दलित-मुस्लिम एकता से बीजेपी और सपा को चुनौती देने की योजना है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अभी से हलचल तेज हो गई है। राज्य में एक नए राजनीतिक समीकरण की आहट सुनाई दे रही है, जहां असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) हाथ मिलाने की तैयारी में हैं। सूत्रों की मानें तो दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है और यह गठबंधन अब अपने अंतिम चरण में है।
इस संभावित गठबंधन का मुख्य उद्देश्य दलित, मुस्लिम और अन्य वंचित समुदायों को एक मंच पर लाना है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर यह गठबंधन सफल होता है, तो यह राज्य की लगभग 40% आबादी का प्रतिनिधित्व करेगा, जो चुनावी नतीजों को पूरी तरह बदल सकता है। AIMIM के प्रवक्ता शादाब चौहान ने इस बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा कि उनकी पार्टी भाजपा जैसी ताकतों को चुनौती देने के लिए समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।
लखनऊ की रैली में हो सकता है आधिकारिक ऐलान
चर्चा है कि इस गठबंधन की औपचारिक घोषणा 26 नवंबर को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में आयोजित होने वाली 'बहुजन संकल्प महारैली' के दौरान की जा सकती है। बताया जा रहा है कि नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और असदुद्दीन ओवैसी के बीच फोन पर विस्तृत चर्चा हुई है और सीटों के बंटवारे को लेकर विचार-विमर्श जारी है।
यदि यह 'तीसरा मोर्चा' आकार लेता है, तो यह न केवल भाजपा के लिए बल्कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है। वहीं दूसरी ओर, AIMIM ने अपनी तैयारियां पहले ही शुरू कर दी हैं। पार्टी ने बहराइच की मटेरा और श्रावस्ती की भिनगा जैसी मुस्लिम बहुल सीटों पर अपने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ओवैसी की पार्टी इस गठबंधन में अन्य छोटे राजनीतिक दलों को भी शामिल करने की संभावना तलाश रही है।