यमुना की बदहाली पर आगरा में 'झुनझुना दिवस', कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध

आगरा में रिवर कनेक्ट कैंपेन ने यमुना की बदहाली पर 'झुनझुना दिवस' मनाकर जनप्रतिनिधियों के खोखले वादों का विरोध किया।

Shubham Singh1 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
यमुना की बदहाली पर आगरा में 'झुनझुना दिवस', कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध

ताजनगरी आगरा में यमुना नदी की बिगड़ती हालत और प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ रिवर कनेक्ट कैंपेन के कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा और तीखा विरोध प्रदर्शन किया। 1 नवंबर 2026 को एतमादुदौला व्यू पॉइंट के पास यमुना आरती स्थल पर कार्यकर्ताओं ने 'झुनझुना दिवस' मनाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने झुनझुने बजाकर यह संदेश देने की कोशिश की कि शहर के जनप्रतिनिधियों ने यमुना को बचाने के नाम पर जनता को केवल खोखले वादे दिए हैं।

विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब कार्यकर्ताओं ने 'आगरा को क्या मिला? झुनझुना, झुनझुना!' के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई उत्सव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी नाराजगी जाहिर करने का एक जरिया है। इस अभियान में संयोजक बृज खंडेलवाल, डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, चतुर्थभुज तिवारी और मीरा खंडेलवाल जैसे प्रमुख लोग शामिल रहे।

नदी को बचाने के लिए रखीं ये प्रमुख मांगें

कार्यकर्ताओं का कहना है कि यमुना आगरा की जीवनरेखा है, लेकिन दिवाली की तैयारियों के बीच नदी की दुर्दशा को पूरी तरह भुला दिया गया है। रिवर कनेक्ट कैंपेन ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखते हुए कहा कि नदी के जीर्णोद्धार के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएं:

  • पूरे साल नदी में ताजे पानी का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित किया जाए।
  • ताजमहल के निचले हिस्से में जल्द से जल्द बैराज का निर्माण किया जाए।
  • नदी के तल की सफाई और गाद (desilting) निकालने का काम शुरू हो।
  • साबरमती प्रोजेक्ट की तर्ज पर आगरा में भी एक आधुनिक रिवरफ्रंट विकसित किया जाए।
  • पूरी यमुना नदी बेसिन का संरक्षण किया जाए।

संयोजक बृज खंडेलवाल ने प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्य सरकार लंबे समय से लंबित बैराज परियोजना को आगे बढ़ाएगी, ताकि यमुना को उसका पुराना स्वरूप वापस मिल सके।

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