आगरा शिक्षक निर्वाचन: सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने जताया जीत का दावा
आगरा मंडल शिक्षक निर्वाचन में सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने जीत का दावा किया है। जानें वोटों का पूरा गणित और मतगणना का हंगामा।

आगरा मंडल शिक्षक निर्वाचन के नतीजों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार आकाश अग्रवाल ने इस चुनाव में अपनी जीत का दावा किया है। अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने लगभग 3,700 वोटों की बढ़त हासिल की है और दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के दौरान वे 50 प्रतिशत के जरूरी आंकड़े से एक वोट आगे निकल गए हैं। हालांकि, चुनाव अधिकारियों की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
इस चुनाव की प्रक्रिया काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। चुनाव आयोग ने 3 अक्टूबर 2026 को चुनाव की घोषणा की थी, जिसके बाद 23 अक्टूबर को मतदान हुआ। लेकिन यह चुनाव विवादों से अछूता नहीं रहा। आकाश अग्रवाल द्वारा बूथ कैप्चरिंग और अनियमितताओं के आरोप लगाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने फतेहाबाद सहित तीन केंद्रों पर मतदान को शून्य घोषित कर दिया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने इसके बाद 26 अक्टूबर को दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की।
मतगणना के दौरान हंगामा और वोटों का गणित
रिटर्निंग ऑफिसर और मंडल आयुक्त नगेंद्र प्रताप की देखरेख में 27 अक्टूबर से वोटों की गिनती शुरू हुई। शुरुआती दौर में ही आकाश अग्रवाल ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। पहली वरीयता की गिनती में अग्रवाल को 5,491 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी 4,462 वोटों के साथ पीछे थे। इस तरह शुरुआती चरण में अग्रवाल 1,029 वोटों से आगे रहे।
जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच विवाद और झड़पें शुरू हो गईं, जिसके कारण मतगणना की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। 27 अक्टूबर की रात तक अग्रवाल की बढ़त बढ़कर 3,431 हो गई और 28 अक्टूबर की सुबह यह 3,368 वोटों पर रही। चूंकि पहली वरीयता में किसी भी उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था, इसलिए परिणाम का फैसला दूसरी वरीयता के वोटों के आधार पर किया गया।
मतगणना के दौरान हुए हंगामे पर प्रतिक्रिया देते हुए आकाश अग्रवाल ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। साथ ही, उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान अपने समुदाय के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों को भी सिरे से खारिज किया। अब सबकी नजरें चुनाव आयोग के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं।