आगरा शिक्षक निर्वाचन पुनर्मतदान: पुलिस ने भाजपा उम्मीदवार के समर्थकों को खदेड़ा
आगरा शिक्षक निर्वाचन पुनर्मतदान के दौरान पुलिस ने भाजपा उम्मीदवार हरि किशोर तिवारी के समर्थकों को हटाया। जानें क्या है पूरा मामला।

आगरा के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में एमएलसी चुनाव के लिए आज पुनर्मतदान की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इस बीच मतदान केंद्र के बाहर गहमागहमी का माहौल देखा गया। सुरक्षाबलों ने भाजपा उम्मीदवार हरि किशोर तिवारी के समर्थकों को मतदान केंद्र से दूर हटाया, ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केवल उम्मीदवार को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी, जबकि समर्थकों का जमावड़ा प्रतिबंधित रहेगा।
दरअसल, चुनाव आयोग ने 23 अक्टूबर को हुए मतदान को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58A(2)(A) के तहत शून्य घोषित कर दिया था। इसके बाद आज सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक तीन निर्धारित केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने का आदेश दिया गया। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।
गड़बड़ी के आरोपों के बाद लिया गया फैसला
यह पुनर्मतदान समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद हो रहा है। डॉ. अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि 23 अक्टूबर के चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग हुई और हिंसा की गई। उन्होंने दावा किया कि भाजपा उम्मीदवार के भतीजे अनिल तिवारी और अन्य कार्यकर्ताओं ने विपक्षी बूथ एजेंटों के साथ मारपीट की और उन्हें जबरन बाहर निकाल दिया।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आगरा मंडल आयुक्त से पहले दिन की वोटिंग के दौरान अधिकारियों के आचरण पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। अब सबकी नजरें 27 अक्टूबर को होने वाली वोटों की गिनती पर टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कौन जीतता है।