मिशन शक्ति: आगरा में छात्रा रिजा समीर बनीं एक दिन की एसीपी सदर

उत्तर प्रदेश के आगरा में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत एक अनोखी पहल देखने को मिली है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन में 10वीं कक्षा की छात्रा रिजा समीर को एक दिन के लिए एसीपी (ACP) सदर की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस पहल का मकसद युवा लड़कियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना और उन्हें आत्मविश्वास से भरना है।
अपनी इस छोटी सी लेकिन महत्वपूर्ण पारी के दौरान रिजा समीर ने एसीपी सदर कार्यालय का कार्यभार संभाला। उन्होंने न केवल पुलिस विभाग की दैनिक कार्यप्रणाली को करीब से समझा, बल्कि पुलिसकर्मियों के साथ बातचीत कर कानून व्यवस्था और पुलिसिंग के प्रोटोकॉल की बारीकियों को भी जाना। रिजा ने केवल कागजी तौर पर पद नहीं संभाला, बल्कि उन्होंने कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं और उनकी शिकायतों का निपटारा करने की प्रक्रिया को समझा।
नेतृत्व की ओर बढ़ते कदम
मिशन शक्ति फेज 6.0 की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि के पहले दिन हुई थी। इस अभियान के तहत जिले में जागरूकता मार्च निकाले गए, जिनमें पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार और मेयर हेमलता दिवाकर ने हिस्सा लिया। रिजा के अलावा अन्य छात्राओं को भी नेतृत्व के अवसर दिए गए; जैसे इल्मा कुरैशी एक दिन के लिए प्रिंसिपल बनीं और फरीन कुरैशी ने वाइस-प्रिंसिपल की जिम्मेदारी निभाई।
अभियान की सक्रियता इसी बात से पता चलती है कि हाल ही में 15 अक्टूबर 2026 को एसीपी इमरान अहमद ने फतेहाबाद के नरही गांव का दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों से संवाद किया और सहायता सामग्री वितरित की। प्रशासन की इस कोशिश का उद्देश्य बेटियों को यह अहसास कराना है कि वे समाज के किसी भी ऊंचे पद पर पहुंच सकती हैं और देश की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बन सकती हैं।