आगरा रेलवे मंथन: सांसदों ने उठाई नई ट्रेनों और स्टॉपेज की मांग, सुविधाओं पर जोर

आगरा के ताज कन्वेंशन होटल में शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को 'रेलवे मंथन' नाम से एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य रेल विकास और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार करना था। केंद्रीय राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल की अध्यक्षता में हुई इस चर्चा में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह और आगरा मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आगरा, मथुरा, धौलपुर, फतेहपुर सीकरी, भरतपुर, दौसा, अलवर, फरीदाबाद और इटावा के सांसदों ने हिस्सा लिया और अपने-अपने क्षेत्रों के लिए रेल बुनियादी ढांचे में सुधार की पुरजोर मांग की।
वंदे भारत और नई रेल सेवाओं पर रहा फोकस
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम सुझाव दिए। सांसदों ने आगरा-उदयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस को फिर से शुरू करने और ट्रेन संख्या 22470 (वंदे भारत एक्सप्रेस) को हफ्ते में छह दिन चलाने की मांग की। इसके अलावा, उज्जैन जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ग्वालियर-रतलाम एक्सप्रेस को आगरा से शुरू करने और ईदगाह-बयाना ईएमयू सेवा को दोबारा बहाल करने का प्रस्ताव रखा गया।
ट्रेनों के ठहराव (स्टॉपेज) को लेकर भी लंबी सूची पेश की गई, जिसमें मुख्य रूप से ये मांगें शामिल थीं:
- गटिमान एक्सप्रेस का मथुरा जंक्शन पर ठहराव।
- कानपुर-दिल्ली शताब्दी का टुंडला में स्टॉपेज।
- जम्मू मेल का इटावा स्टेशन पर ठहराव।
- फफूँद, जलेसर रोड और आगरा कैंट स्टेशनों पर विभिन्न ट्रेनों के स्टॉपेज।
इतना ही नहीं, सांसदों ने आगरा-एटा लाइन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने, इटावा-आगरा कैंट मेमू को बांदीकुई तक विस्तारित करने और बाह-बटेश्वर रूट पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की बात कही। आगरा से खैरागढ़, जागनर और तंतपुर होते हुए बयाना तक प्रस्तावित रेल लाइन की वर्तमान स्थिति पर भी सवाल पूछे गए। साथ ही फतेहाबाद, धौलपुर और फिरोजाबाद के बीच नई रेल लाइनों की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
स्टेशनों के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए मथुरा जंक्शन पर प्लेटफॉर्म 1, 2, 8, 9 और 10 को जोड़ने वाले फुट-ओवर-ब्रिज के निर्माण की मांग की गई। फतेहाबाद और शमशबाद टाउन स्टेशनों पर आरक्षण सुविधाओं और प्लेटफॉर्म अपग्रेडेशन की जरूरत बताई गई। शहरी समस्याओं पर चर्चा करते हुए मथुरा गेट और इक्रान गेट पर रेल-ओवर-ब्रिज बनाने और जलभराव रोकने के लिए अंडरपास के डिजाइन बदलने की बात कही गई।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए फतेहपुर सीकरी में 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' योजना के तहत स्थानीय पेठा और नमकीन बेचने का सुझाव दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि ट्रेनों के स्टॉपेज के प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिए गए हैं और अन्य विकास परियोजनाओं पर विचार किया जा रहा है।