आगरा: रकाबगंज मिशन शक्ति सेंटर अब बना 'आदर्श', एसिड अटैक सर्वाइवर्स का पुलिस ने बढ़ाया मान

महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में आगरा पुलिस ने एक बड़ी पहल की है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार (IPS) के नेतृत्व में रकाबगंज थाने के मिशन शक्ति सेंटर को अपग्रेड कर अब इसे 'आदर्श मिशन शक्ति सेंटर' का रूप दे दिया गया है। यह कदम प्रदेशव्यापी #MissionShakti6 अभियान का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
इस नए और आधुनिक केंद्र के शुभारंभ के मौके पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केवल पुलिस अधिकारी ही नहीं, बल्कि एनजीओ के प्रतिनिधि, समाज सेवक और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वाली स्थानीय महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हुईं। इस अवसर पर डीसीपी (सिटी) रविंद्र कुमार, एडीसीपी (सिटी) मनोज कुमार, एडीसीपी (ट्रैफिक) अलका, एसीपी (सदर) अमीषा और एसीपी (महिला अपराध) प्रीता सहित महिला मोर्चा की सदस्य मौजूद रहीं।
'हैंड होल्डिंग' पहल के तहत मिला सम्मान
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक हिस्सा 'हैंड होल्डिंग' पहल रही। इस दौरान उन जांबाज महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने एसिड अटैक जैसी भयानक त्रासदी को झेला और हार मानने के बजाय जीवन में आगे बढ़ने का साहस दिखाया। जब इन सर्वाइवर्स को पुलिस प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया, तो उनकी आंखों में खुशी और गर्व साफ झलक रहा था।
सम्मान मिलने के बाद इन महिलाओं ने अपने जीवन के संघर्षों को साझा किया और बताया कि कैसे इस तरह की पहचान और समर्थन उन्हें समाज में फिर से सिर उठाकर जीने की ताकत देता है। उन्होंने मिशन शक्ति फ्रेमवर्क के तहत आगरा पुलिस द्वारा दी गई संस्थागत मान्यता और सहयोग के लिए गहरा आभार व्यक्त किया।